मल्लिकार्जुन खड़गे ( फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Nari Shakti Vandan Act: नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक 2023) और परिसीमन को लेकर होने वाले विशेष संसद सत्र से पहले देश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। विधेयक पर चर्चा के लिए विशेष सत्र से पहले विपक्षी दलों ने अपनी रणनीति तय करने के उद्देश्य से दिल्ली में एक अहम बैठक बुलाई। इसमें प्रमुख विपक्षी नेताओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। यह बैठक कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिल्ली आवास पर आयोजित की गई।
इस बैठक में प्रमुख विपक्षी नेता राहुल गांधी, राजद नेता तेजस्वी यादव सहित विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सीपीएमएल के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य वर्चुअली इस मीटिंग से जुड़े।
दिल्ली में हुई इस बैठक के बाद सपा सांसद रामशंकर राजभर ने विशेष सत्र में होने वाली चर्चा पर कहा कि वह महिला आरक्षण चाहते हैं, लेकिन यह परिसीमन सही नहीं है। इसी प्रकार, बैठक में शामिल हुए सीपीआई के नेता एनी राजा ने भी परिसीमन का विरोध किया। उन्होंने कहा कि विधेयक में आरक्षण का स्वरूप ठीक नहीं है।
पंजाब की प्रमुख पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने महिला आरक्षण का तो समर्थन किया है, लेकिन परिसीमन को इस आरक्षण बिल से जोड़ने का विरोध किया है। पार्टी के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बिल के मुद्दे पर बयान दिया कि शिरोमणि अकाली दल महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर हुए लोकसभा सीटों के परिसीमन का विरोध किया। परिसीमन के इस प्रारूप पर उनका तर्क है कि सफलतापूर्वक जनसंख्या नियंत्रण करने वाले राज्यों जैसे- पंजाब को इससे नुकसान होगा और अन्य को फायदा।
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इस पर जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इंडिया ब्लॉक के दलों से इस विधेयक पर सामूहिक रुख अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष को एकजुट होकर अपनी रणनीति तय करनी चाहिए।
दिल्ली में हुई इस बैठक में इंडिया ब्लॉक के अन्य नेता भी शामिल हुए। इसमें महाराष्ट्र के उद्धव ठाकरे और संजय राउत, टीआर बालू, एनी राजा, मोहम्मद बशीर और सुप्रिया सुले शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य संसद के विशेष सत्र से पहले परिसीमन और महिला आरक्षण पर विपक्ष की संयुक्त रणनीति तय करना है, जिससे कि संसद के विशेष सत्र में सरकार का एकजुट सामना किया जा सके।