

तिरुवनंतपुरम : यहां के पूर्णमिकावु मंदिर द्वारा समारोहों और उत्सवों के लिए हाथियों को नहीं रखने के निर्णय का स्वागत करते हुये पेटा-इंडिया ने मंदिर को हाथी के वास्तविक आकार का एक यांत्रिक हाथी भेंट किया है। पशु-अधिकार संगठन 'पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स' (पेटा)-इंडिया ने अभिनेत्री अदा शर्मा के साथ शनिवार को पूर्णमिकावु मंदिर को यह यांत्रिक हाथी भेंट किया
पेटा ने अपने एक बयान में यह जानकारी देते हुये बताया कि बलधासन नामक यांत्रिक हाथी को पूर्णमिकावु मंदिर को दान में दिया गया है, क्योंकि मंदिर ने कभी भी समारोहों और उत्सवों के लिए हाथियों को नहीं रखने या किराये पर नहीं लेने का निर्णय लिया है। पेटा ने कहा कि यह यांत्रिक हाथी, केरल के मंदिर में लाया जाने वाला तीसरा हाथी है, जो लगभग तीन मीटर लंबा है और इसका वजन लगभग 800 किलोग्राम है।
इस अवसर पर अभिनेत्री अदा शर्मा ने कहा कि टेक्नॉलजी के क्षेत्र में प्रगति हमें अपनी गहरी सांस्कृतिक परंपराओं और विरासत को संरक्षित करने का अवसर देती है, साथ ही लुप्तप्राय हाथियों को जंगल में अपने परिवारों के साथ रहने की अनुमति देती है। अदा ने कहा, 'मुझे पेटा-इंडिया के साथ इस यांत्रिक हाथी का योगदान देकर बहुत खुशी हो रही है, जिससे श्रद्धालु पवित्र अनुष्ठानों में इस तरह से भाग ले सकेंगे, जो मनुष्यों के लिए सुरक्षित होने के साथ-साथ पशुओं के लिए भी सम्मानजनक होगा।
पूर्णमिकावु मंदिर के मुख्य कार्यदर्शी एम एस भुवनचंद्रन ने दान का स्वागत करते हुए कहा कि पावन पूर्णिमा के अवसर पर, हम उन सभी दिव्य प्राणियों के सम्मान में यांत्रिक हाथी बलधासन को अपने साथ पाकर बहुत प्रसन्न हैं, जो अपने प्रियजनों के साथ पृथ्वी पर स्वतंत्र और सुरक्षित विचरण करने की लालसा रखते हैं। वहीं, पेटा इंडिया ने अपने बयान में आगे कहा कि हेरिटेज एनिमल टास्क फोर्स द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, 15 वर्षों की अवधि में कैद करके रखे गए हाथियों ने केरल में 526 लोगों की जान ले ली। (एजेंसी इनपुट के साथ)