कर्नाटक के डिप्टी सीएम शिवकुमार को मिली राहत, भ्रष्टाचार मामले में हाईकोर्ट ने की CBI की याचिका खारिज
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कर्नाटक हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी और विपक्षी भाजपा विधायक बसंगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया।
- Written By: शुभम पाठक
डीके शिवकुमार को मिली राहत (सोर्स:-सोशल मीडिया)
बेंगलुरु: कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार को कर्नाटक हाईकोर्ट से अब थोड़ी राहत मिलती हुई नजर आ रही है, जहां कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई की याचिका को खारिज कर दिया है।
कर्नाटक में लगातार रूप से बीजेपी द्वारा डिप्टी सीएम और सीएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग के बाद आज कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी और विपक्षी भाजपा विधायक बसंगौड़ा पाटिल यतनाल द्वारा दायर याचिकाओं को खारिज कर दिया।
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शिवकुमार पर भ्रष्टाचार का आरोप
बात अगर कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार पर लगे आरोप की करें तो शिवकुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की सीबीआई जांच के लिए सहमति वापस लेने के सिद्धारमैया सरकार के फैसले को चुनौती दी थी। पिछले हफ्ते, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री अपने खिलाफ आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले की जांच के लिए लोकायुक्त पुलिस के सामने पेश हुए थे।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरवरी में लोकायुक्त पुलिस ने शिवकुमार के खिलाफ मामला दर्ज किया, जब राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार ने नवंबर 2023 में उनके खिलाफ डीए मामले की जांच के लिए सीबीआई से सहमति वापस ले ली और मामले को अपने पास स्थानांतरित कर दिया।
एक नजर पूरे मामले पर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2023 में उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी और संघीय एजेंसी को मामले की जांच पूरी करने और तीन महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। सीबीआई ने सितंबर 2020 में शिवकुमार के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने 2013 और 2018 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की। वह उस समय तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मंत्री थे।
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