'एनटीआर से छीनी पार्टी और सत्ता..', लक्ष्मी पार्वती ने सीएम चंद्रबाबू नायडू पर परिवार तोड़ने का लगाया आरोप

Lakshmi Parvati News: एन. लक्ष्मी पार्वती ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू चंद्रबाबू नायडू पर पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के परिवार में दरार डालने का लगाया आरोप।
'Snatched the Party and Power from NTR...'—Lakshmi Parvathi Accuses CM Chandrababu Naidu of Breaking Up the Family
लक्ष्मी पार्वती (सोर्स-आएएनएस)
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Lakshmi Parvati Attacks On Chandrababu: वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की महासचिव एन. लक्ष्मी पार्वती ने सोमवार को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर पारिवारिक दरार डालने का गंभीर आरोप लगाया है। पार्वतीने ने चंद्रबाबू नायडू को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि चंद्रबाबू नायडू वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के परिवार में दरार डालने की कोशिश कर रहे हैं। आपको बता दें कि चंद्रबाबू पर आरोप लगाने वाली लक्ष्मी पार्वती पूर्व मुख्यमंत्री और टीडीपी के संस्थापक एन. टी. रामा राव (एनटीआर) की दूसरी पत्नी हैं। उनका कहना है कि चंद्रबाबू नायडू ने ही एनटीआर के परिवार में दरार पैदा की थी।और अब वो वही तरीका वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी के परिवार के साथ अपना रहे हैं।

चंद्रबाबू छीनी पार्टी और सत्ता

मीडिया से बातचीत करते हुए पार्वती ने कहा कि चंद्रबाबू नायडू राजनीति में पीछे के रास्ते से आए हैं। और टीडीपी पार्टी तथा सत्ता को एनटीआर से छीन ली। उन्होंने बताया कि चंद्रबाबू ने कभी भी अपने दम पर कोई चुनाव नहीं जीता।

लोकेश एक अयोग्य उम्मीदवार

चंद्रबाबू नायडू द्वारा बेटे नारा लोकेश को आगे बढ़ाने की कोशिशों पर लक्ष्मी पार्वती ने उनकी जमकर आलोचना की। उन्होंने बताया कि लोकेश एक अयोग्य उम्मीदवार हैं, जिन्हें किसी विषय की जानकारी नहीं है, लेकिन उनकी महत्वाकांक्षाएं बहुत अधिक हैं। पूर्व विधायक ने बताया कि जगन मोहन रेड्डी ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया और महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर इसे वास्तविक रूप दिया, वहीं चंद्रबाबू ने हमेशा महिलाओं के साथ धोखा किया है। चाहे वह स्वयं सहायता समूह हों, पेंशन हो, मुफ्त बस यात्रा हो या अन्य योजनाएं।

अमरावती पैसे कमाने की परियोजना

अमरावती शहर के विकास परियोजना पर आरोप लगाते हुए कहा कि अमरावती चंद्रबाबू के लिए पैसे कमाने की परियोजना है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी द्वारा सुझाया गया एमएवीआईजीयूएन (मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा, गुंटूर) अधिक व्यावहारिक और उपयुक्त है। बातचीत में वाईएसआरसीपी के प्रवक्ता और पूर्व विधायक राचामल्लु शिव प्रसाद रेड्डी ने भी लोकेश की आलोचना करते हुए कहा कि जगन मोहन रेड्डी की मां वाई. एस. विजयम्मा के प्रति उनका नया सम्मान राजनीतिक अवसरवाद को दिखाता है। उन्होंने कहा कि लोकेश द्वारा अचानक वाई. एस. विजयम्मा को जन्मदिन की शुभकामनाएं देना वास्तविकता में सम्मान नहीं, बल्कि राजनीतिक मकसद से प्रेरित है।

पहले कभी नहीं किया सम्मान

वाईएसआरसीपी प्रवक्ता ने कहा कि जो लोग अब जगन मोहन रेड्डी की मां और बहन का सम्मान करने का दावा कर रहे हैं, वही उनकी पत्नी को निशाना बना रहे हैं। यह अनैतिक राजनीति का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि विजयम्मा का जन्मदिन वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं और परिवार का सम्मान करने वालों के लिए खुशी का दिन है, लेकिन लोकेश की अचानक दिखाई गई नजदीकी पर सवाल उठते हैं, खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने पहले कभी ऐसा सम्मान नहीं दिखाया।

'नया सम्मान' का उद्देश्य राजनीतिक

शिव प्रसाद रेड्डी ने कहा कि यह 'नया सम्मान' राजनीतिक लाभ के लिए परिवार के अंदर मतभेदों का फायदा उठाने की कोशिश है और इसका उद्देश्य जगन को उनके परिवार से दूर करना है। उन्होंने पुराने घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि लोग नहीं भूल सकते कि कैसे पिछली टीडीपी सरकार में विजयम्मा की गाड़ियों की तलाशी ली गई थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इसी तरह की शुभकामनाएं अन्य नेताओं की माताओं या राष्ट्रीय नेताओं को भी दी गईं। उन्होंने इसे स्पष्ट पाखंड बताया।

एजेंसी इनपुट के साथ...

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