-
बुध, 24 जून 2026 ई-पेपर
- Hindi News »
- India »
- Jmm To Contest Assam Assembly Elections Alone After Failed Congress Alliance
असम चुनाव में JMM ने छोड़ा ‘हाथ’ का साथ, क्या हेमंत सोरेन का ‘एकला चलो’ वाला दांव बिगाड़ेगा कांग्रेस का खेल?
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
Assam Elections 2026: असम विधानसभा चुनाव के लिए झामुमो और कांग्रेस का गठबंधन टूट गया है। अब JMM 19 सीटों पर अकेले चुनाव लड़कर अपनी ताकत आजमाएगी, जिसका सीधा असर झारखंड की राजनीति पर भी पड़ सकता है।

हेमंत सोरेन और राहुल गांधी, फोटो- सोशल मीडिया
Assam Assembly Elections 2026: पूर्वोत्तर के राज्य असम में चुनावी पारा चढ़ते ही एक बड़ी सियासी हलचल देखने को मिली है। झारखंड में साथ मिलकर सरकार चलाने वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और कांग्रेस के रास्ते असम की धरती पर अलग हो गए हैं। सीट बंटवारे को लेकर मची खींचतान के बाद अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी ने अकेले ही चुनावी समर में उतरने का बड़ा फैसला लिया है। यह न केवल असम के समीकरणों को बदल सकती है, बल्कि इसका सीधा असर आने वाले समय में झारखंड की अंदरूनी राजनीति पर भी पड़ना तय माना जा रहा है।
काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे कि विपक्षी दल एक मजबूत गठबंधन के साथ बीजेपी के सामने खड़े होंगे। इसी सिलसिले में रांची से लेकर दिल्ली तक बैठकों का कई दौर चला। खुद असम कांग्रेस के प्रभारी भंवर जितेंद्र सिंह और गौरव गोगोई ने हेमंत सोरेन से मुलाकात की थी। बात यहीं नहीं रुकी, सोरेन खुद दिल्ली जाकर कांग्रेस आलाकमान से भी मिले, लेकिन हफ्तों की माथापच्ची के बाद भी सीटों के गणित पर कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी। अंततः, झामुमो ने हार मानकर अपने 19 उम्मीदवारों की सूची फाइनल कर दी है और उन्हें पार्टी का पारंपरिक चुनाव चिन्ह ‘तीर-कमान’ भी सौंप दिया गया है।
अब किसके भरोसे झामुमो की नई रणनीति
झामुमो की इस अकेले चलने की जिद के पीछे एक सोची-समझी चुनावी रणनीति छिपी है। पार्टी का मुख्य ध्यान असम के उन इलाकों पर है जहां चाय बागानों में काम करने वाले लोग और आदिवासी समुदाय बड़ी संख्या में रहते हैं। इन समुदायों के साथ पार्टी का पुराना जड़ाव रहा है और उसे उम्मीद है कि यह वोट बैंक उसे जीत दिलाने में मदद करेगा। माजबत विधानसभा सीट से प्रीति रेखा बरला और सोनारी से बलदेव तेली जैसे चेहरों को उतारकर झामुमो ने यह साफ कर दिया है कि वह पूरी तैयारी के साथ मैदान में है। हालांकि, उसने विपक्षी एकजुटता का एक छोटा संदेश देते हुए बिहाली की सीट वामदलों (CPIML) के लिए छोड़ दी है।
सम्बंधित ख़बरें
बांग्लादेशियों से मोहब्बत नहीं लेकिन मियां नाम पर प्रताड़ना गलत, बदरुद्दीन अजमल का BJP पर बड़ा हमला
Assam GI Tag Products: सिंगापुर भेजी गई तेजपुर लीची, CM हिमंता बोले- वैश्विक बाजार पर है फोकस
तेजस्वी ने लिया बदला…झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ कैसे हुआ खेला? इनसाइड स्टोरी
असम का ‘डेंजर जोन’ कनेक्शन! 2026 में यहीं क्रैश हुआ था सुखोई, अब AN-32 विमान दो टुकड़ों में बंटा- VIDEO
झारखंड में भी दिखेगा इस दरार का असर
असम की इस टूट का असर केवल वहीं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसकी तपिश झारखंड की राजनीति में भी महसूस की जाएगी। जानकारों का मानना है कि इस घटनाक्रम से दोनों दलों के बीच तल्खी बढ़ सकती है, जिसका असर आगामी राज्यसभा चुनावों पर पड़ेगा। झारखंड में जल्द ही राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव होने हैं। अभी तक माना जा रहा था कि एक सीट कांग्रेस के खाते में जा सकती है, लेकिन अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि झामुमो दोनों ही सीटों पर अपना दावा ठोक सकती है। यह देखना दिलचस्प होगा कि झारखंड की सत्ता में साझेदार ये दो दल इस कड़वाहट को रांची की गलियों तक पहुंचने से कैसे रोकते हैं।
यह भी पढ़ें: ‘बाबरी मस्जिद’ बना रहे कबीर और ओवैसी साथ लड़ेंगे बंगाल चुनाव, सीटों की गणित तय, क्या बिगड़ जाएगा दीदी का ‘गेम’?
क्या सोरेन का दांव हो पाएगा सफल?
असम में चुनावी बिगुल बज चुका है और 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है। राज्य की 126 सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव में फिलहाल बीजेपी का पलड़ा भारी दिख रहा है, जिसने 2021 के चुनाव में 60 सीटें जीती थीं। अब जब विपक्षी एकता में सेंध लग चुकी है, तो आम मतदाता के मन में सवाल है कि क्या झामुमो अपने दम पर वोट काटकर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाएगी या खुद के लिए एक नया आधार खड़ा करेगी। 4 मई को जब चुनावी नतीजे आएंगे, तभी पता चलेगा कि हेमंत सोरेन का यह साहसी फैसला कितना सही साबित हुआ।
Jmm to contest assam assembly elections alone after failed congress alliance
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
नागपुर MLC : HC के रुख के बाद सरपंच-सदस्यों के मतदान अधिकार वाली जनहित याचिका वापस, कोर्ट ने किया निपटारा
Jun 24, 2026 | 05:02 PMपुणे मनपा की 5 अंग्रेजी स्कूलें 9 साल के लिए आकांक्षा फाउंडेशन को सौंपी जाएंगी, विपक्ष का जोरदार विरोध
Jun 24, 2026 | 04:57 PM‘जो हमें पसंद नहीं करते, वे कभी पसंद नहीं करेंगे’, रजनीकांत के बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में छेड़ी नई बहस
Jun 24, 2026 | 04:55 PMकुपोषण के खिलाफ नागपुर जिला परिषद की महा-मुहिम; अब सरकारी अधिकारी गोद लेंगे कुपोषित बच्चे, खुद रखेंगे हर अपडेट
Jun 24, 2026 | 04:50 PMBharat Tiwari Encounter: भोजपुर में उमड़ा जनसैलाब, महापंचायत के मंच से प्रशांत किशोर ने दी बड़ी चेतावनी
Jun 24, 2026 | 04:48 PMराम मंदिर चंदा चोरी विवाद: ‘हमारी 200 चांदी की ईंटों का क्या हुआ?’ राम मंदिर दान को लेकर कारोबारी ने उठाए सवाल
Jun 24, 2026 | 04:48 PMदमोह में युवक की चाकू मारकर हत्या, फल विक्रेता ने दिया वारदात को अंजाम; फेंककर पैसे देने पर हुआ था विवाद
Jun 24, 2026 | 04:44 PMवीडियो गैलरी

अतीक की बेनामी संपत्तियों पर प्रयागराज पुलिस का बड़ा प्रहार, 5 बड़े अफसरों की SIT गठित- VIDEO
Jun 23, 2026 | 11:21 PM
पापा बचा लो, यहां आग लग गई है…पिता से बेटे की अंतिम पुकार, लखनऊ अग्निकांड की रुला देने वाली कहानी- VIDEO
Jun 23, 2026 | 09:05 PM
लखनऊ अग्निकांड के बाद हरकत में आया प्रशासन, कानपुर के 22 कोचिंग सेंटरों पर हुई कार्रवाई; देखें- VIDEO
Jun 23, 2026 | 09:01 PM
अगले साल आनी थी बारात, अब उठी अर्थी, लखनऊ अग्निकांड में नीलेश-अनामिका की प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत- VIDEO
Jun 23, 2026 | 08:24 PM
अपना देश संभालो… गंज शहिदा मस्जिद विवाद पर भड़के अफजाल अंसारी, पाकिस्तान को दी कड़ी नसीहत; देखें VIDEO
Jun 23, 2026 | 08:09 PM
ईरान को कौन देगा 300 अरब डॉलर? खाड़ी देशों की बढ़ी टेंशन, ‘चंदा’ मांगने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप के दूत!
Jun 23, 2026 | 05:56 PM














