स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में रुकावट पर भड़का भारत, UN में कहा-जहाजों पर बाधा बर्दाश्त नहीं

India ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित समुद्री यातायात पर गहरी चिंता जताई। राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस मार्ग को तुरंत बहाल करने की मांग की।
India on Hormuz Crisis in UN
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश (सोर्स- सोशल मीडिया)
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India on Hormuz Crisis in UN: ईरान में युद्ध के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधित हो रहे समुद्री यातायात का मुद्दा भारत (India) ने संयुक्त राष्ट्र में मजबूती से उठाया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाली वाणिज्यिक शिपिंग में लगातार आ रही बाधाएं गंभीर चिंता का विषय हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।

पर्वतनेनी हरीश ने स्पष्ट किया कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में सुरक्षित और अबाध नौवहन को जल्द से जल्द बहाल किया जाना आवश्यक है, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा और व्यापार आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

युद्ध के कारण समुद्री मार्गों पर असर

भारत (India)  ने संयुक्त राष्ट्र में कहा कि हाल के संघर्ष के दौरान, विशेष रूप से 28 फरवरी के आसपास ईरान और खाड़ी क्षेत्र में बढ़े तनाव के बाद, समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ा है। भारत ने पहले ही सभी संबंधित देशों से संयम बरतने, तनाव कम करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की थी। हरीश ने अपने भाषण में कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता सीधे तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े व्यापार पर निर्भर करती है, क्योंकि वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा का प्रभाव केवल क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर महसूस किया जाता है।

व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाना गलत

उन्होंने यह भी कहा कि इस संघर्ष के दौरान व्यापारिक जहाजों और वाणिज्यिक शिपिंग को सैन्य हमलों का निशाना बनाना पूरी तरह अस्वीकार्य है। भारत (India) ने दोहराया कि निर्दोष नागरिक चालक दल के सदस्यों की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। इस दौरान कई जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की मौत की घटनाओं ने भारत की चिंता को और बढ़ा दिया है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर देते हुए कहा कि समुद्री मार्गों में किसी भी तरह की बाधा, धमकी या सैन्य कार्रवाई न केवल कानून के खिलाफ है बल्कि वैश्विक स्थिरता के लिए भी खतरा है। भारत ने सभी पक्षों से आग्रह किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सामान्य स्थिति और सुरक्षित नौवहन को तुरंत बहाल किया जाए।

कूटनीति से निकाला जाए समाधान

इसके साथ ही भारत ने ईरान और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर बातचीत और कूटनीति के माध्यम से समाधान निकालने की अपनी पुरानी नीति को दोहराया। भारत ने कहा कि किसी भी विवाद का स्थायी समाधान केवल संवाद से ही संभव है, न कि सैन्य टकराव से।

अंत में, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। भारत ने कहा कि परिषद को अधिक प्रभावी और प्रतिनिधिक बनाने के लिए स्थायी सदस्यों की श्रेणी का विस्तार किया जाना चाहिए, जिसमें वीटो अधिकारों के साथ सुधार भी शामिल हैं।

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