

CJP Action On Vijeta Dahiya Viral Video: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन के बीच पार्टी ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया के खिलाफ बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। वायरल वीडियो को लेकर उठे विवाद के बाद सीजेपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद और पार्टी की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से हटा दिया। पार्टी का आरोप है कि जब प्रदर्शनकारी और कार्यकर्ता पुलिस कार्रवाई का सामना कर रहे थे, उस दौरान विजेता दहिया का व्यवहार संगठन के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं था और इससे आंदोलन की छवि प्रभावित हुई।
दूसरी ओर, विजेता दहिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद वह घर गए थे और भूख लगने पर बर्गर खाया था। उनका कहना है कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है और इस मुद्दे को वे लोग उछाल रहे हैं, जो आंदोलन का हिस्सा ही नहीं थे। इस बीच सीजेपी ने साफ किया है कि आंदोलन जारी रहेगा और जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सकीय सहायता देने का दावा करते हुए अपनी मांगों पर पीछे न हटने की बात भी दोहराई है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं पर पुलिस द्वारा कथित बल प्रयोग के दौरान विजेता दहिया के कुछ वीडियो सामने आए, जिनमें उनका व्यवहार पार्टी के मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नहीं पाया गया।
बयान में कहा गया, हम अपने प्रवक्ता विजेता दहिया की अत्यंत असंवेदनशील हरकतों की कड़ी निंदा करते हैं। ऐसे समय में, जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और हमारी टीम पुलिस हिंसा का सामना कर रही थी, उनका व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य था। यह गंभीर निर्णयहीनता को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल सिद्धांतों के विपरीत है।
कॉकरोच जनता पार्टी ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विजेता दहिया को तत्काल प्रभाव से प्रवक्ता पद से हटाया जा रहा है। साथ ही उन्हें पार्टी की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों और दायित्वों से भी मुक्त कर दिया गया है।
बता दें कि 20 जुलाई को जब बड़ी संख्या में छात्र प्रदर्शनकारी संसद की ओर मार्च करने की कोशिश में लगे हुए थे और इस दौरान लाठीचार्ज भी किया गया। बताया जा रहा है कि इस दौरान विजेता दहिया आंदोलन में नहीं थे। उनका बर्गर खाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, दहिया का कहना है कि वह प्रदर्शन खत्म होने के बाद फ्रेश होने के लिए घर गए थे। उन्हें भूख लगी थी इसी कारण बर्गर खा लिया था। इसमें कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात पर विवाद प्रदर्शन में शामिल लोग नहीं कर रहे, बल्कि वे लोग इसे बढ़ावा दे रहे हैं, जो इस मार्च में कभी शामिल नहीं हुए।
सीजेपी की तरफ से कहा गया है कि 21 जुलाई को भी जंतर-मंतर और उसके आस-पास भारी भीड़ जमा हो गई है। धर्मेंद्र प्रधान को जाना ही होगा। हम भी मौके पर मौजूद हैं और अपने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद दे रहे हैं। हम जरूर जीतेंगे।