IPS वाई पूरन सुसाइड केस में नया मोड़, पत्नी ने DGP के खिलाफ दर्ज कराई FIR; गिरफ्तारी की मांग
IPS Y Puran Kumar: आईपीएस अधिकारी की पत्नी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पति को सीनियर अधिकारियों ने खासकर डीजीपी शत्रुजित सिंह कपूर द्वारा सालों तक व्यवस्थित अपमान और का सामना करना पड़ा।
- Written By: मनोज आर्या
आईपीएस वाई पुरन कुमार सुसाइड केस, (फाइल फोटो)
IPS Y Puran Suicide Case: हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में एक नया मोड़ आया है। आईपीएस अधिकारी की पत्नी आईएएस अधिकारी अमनीत पी कुमार ने बुधवार रात चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत सिंह कपूर और रोहतक के एसपी नरेंद्र बिजारनिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उनकी गिरफ्तारी की मांग की। अमनीत ने बीएनएस धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
आईएएस अधिकारी ने बुधवार रात 8.55 बजे दर्ज कराई गई शिकायत में दावा किया कि यह कोई साधारण आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि अनुसूचित जाति समुदाय के एक ईमानदार अधिकारी पर ताकतवर वरिष्ठों द्वारा व्यवस्थित उत्पीड़न का सीधा नतीजा है। अमनीत ने अपनी शिकायत में कहा है कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए। हमारे जैसे परिवारों के लिए भी, जो ताकतवर लोगों की क्रूरता से टूट गए हैं।
‘वर्षों तक अपमान और उत्पीड़न झेलना पड़ा’
आईपीएस अधिकारी की पत्नी आईएस अधिकारी ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनके पति, जो बेदाग और ईमानदारी के साथ-साथ समाज के लोगों की भावनाओं से जुड़ें रहने वाले अधिकारी थे, जिन्हें सीनियर अधिकारियों ने खासकर डीजीपी शत्रुजित सिंह कपूर द्वारा सालों तक व्यवस्थित अपमान और का सामना करना पड़ा। यह कोई साधारण आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टमैटिक तरीके से की गई मर्डर है।
सम्बंधित ख़बरें
Haryana News: हरियाणा में कांग्रेस की सर्जिकल स्ट्राइक, क्रॉस वोटिंग करने वालों पर गिरी गाज; 5 विधायक सस्पेंड
Haryana Farmer Protest 2026: हरियाणा सरकार के खिलाफ सड़कों पर किसान, कई जगहों पर किए घेराव
Sambhajinagar में बड़ा हादसा, हसूल तालाब में एक घंटे में चार मौतें, निगरानी व्यवस्था व सुरक्षा पर सवाल
नवभारत विशेष: सीएपीएफ विधेयक को लेकर उठा विवाद, उच्च पद IPS अधिकारियों को दिए जाएंगे
एसपी बिजारनिया का बयान
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, एसपी बिजारनिया ने कहा कि रोहतक पुलिस ने न तो उन्हें (वाई पूरन कुमार) आरोपी बनाया और न ही उन्हें किसी जांच के लिए बुलाया। रोहतक पुलिस द्वारा एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ जबरन वसूली के आरोप में दर्ज की गई एफआईआर पुख्ता सबूतों और तथ्यों पर आधारित है। मेरे खिलाफ शिकायत के संबंध में मामले की जांच चंडीगढ़ पुलिस द्वारा की जा रही है और मुझे उनकी जांच पर पूरा भरोसा है, क्योंकि वे निष्पक्ष जांच करने में पूरी तरह सक्षम हैं।
ये भी पढें:IPS वाई पूरन कुमार सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, शराब, रिश्वत और ऑडियो क्लिप; कहीं यह वजह तो नहीं
क्या है पूरा मामला?
हरियाणा में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) वाई. पूरन कुमार ने मंगलवार को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मारकर अपनी जान दे दी। सीनियर आईपीएस ऑफिसर वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में अभी भी कई चर्चाएं चल रही है। बुधवार को सूत्रों ने बताया था कि पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार के खिलाफ करप्शन का केस दर्ज हुआ था। गनमैन सुशील कुमार ने पुलिस हिरासत में कबूल किया था कि पूरन कुमार के कहने पर मंथली रिश्वत मांगी थी। 2 दिन पहले रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में एक FIR दर्ज की गई थी।
