कल्याण में परीक्षा के डर ने ली 17 वर्षीय छात्रा की जान, सुसाइड नोट से बढ़ा दर्द
Kalyan East में 12वीं कॉमर्स की 17 वर्षीय छात्रा ने कथित तौर पर परीक्षा में असफल होने के डर से आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- Written By: अपूर्वा नायक
ठाणे में आत्महत्या (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Class 12 Student Suicide In Thane: बोर्ड परीक्षा का तनाव एक बार फिर भारी पड़ गया। कल्याण पूर्व के कोलसेवाड़ी इलाके में 17 साल की एक छात्रा ने कथित तौर पर परीक्षा में फेल होने के डर से अपनी जान दे दी। छात्रा 12वीं कॉमर्स की पढ़ाई कर रही थी और हाल ही में बोर्ड की परीक्षा दी थी।
परिवार के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से रिजल्ट को लेकर काफी चिंतित थी। मौके से मिला एक सुसाइड नोट इस दर्द को और गहरा कर देता है। उसमें उसने लिखा ‘मम्मी-पापा, मैं चली जाऊं तो परेशान मत होना’।
घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। कोलसेवाडी पुलिस स्टेशन ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा ने यह कदम सिर्फ परीक्षा के दबाव में उठाया या इसके पीछे कोई और कारण भी था।
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उक्त घटना पर माताश्री नवरंगी देवी मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं प्रकाश विद्यालय, डोंबिवली के संचालक गोपाल दुबे ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बताती हैं कि बच्चों पर पढ़ाई और रिजल्ट का दबाव खतरनाक स्तर तक पहुंच रहा है।
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विशेषज्ञों की मदद लें
- माता-पिता की अपेक्षाएं, असफलता का डर और आगे की पढ़ाई में डोनेशन जैसे आर्थिक दबाव भी बच्चों को मानसिक रूप से तोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि माता-पिता, परिवार और स्कूल सभी की जिम्मेदारी है कि वे समय रहते बच्चों की मानसिक स्थिति को समझें।
- बच्चों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि एक परीक्षा या एक रिजल्ट उनकी पूरी जिंदगी तय नहीं करता। बच्चों से कहें कि पूरी मेहनत से परीक्षा दो, डरने की जरूरत नहीं है, हम हमेशा तुम्हारे साथ है।
- उन्होंने यह भी अपील की कि यदि कोई छात्र या अभिभावक तनाव में है तो चुप न रहे, खुलकर बातचीत करें और जरूरत पड़े तो विशेषज्ञ की मदद ले। समय पर मिला सहारा कई जिंदगियां बचा सकता है।
