

Delhi Blast Case: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार बम धमाके की जांच कर रही एनआईए को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एनआईए ने आतंकी उमर उन नबी के एक और सहयोगी जसीर बिलाल वानी उर्फ दानिश को श्रीनगर से गिरफ्तार किया है। जसीर जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के काजीगुंड का निवासी है और उसने उमर के साथ मिलकर हमले की साजिश रची थी। एनआईए की टीम अब जसीर बिलाल वानी को लेकर दिल्ली पहुंच चुकी है और उसे कल सुबह पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जसीर की गिरफ्तारी के बाद की गई पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, जसीर हमास (Hamas) की तर्ज पर ड्रोन और छोटे रॉकेट तैयार करने में शामिल था। इनका इस्तेमाल भारत में बड़े हमले के लिए किया जा सकता था। आतंकियों ने ड्रोन को हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की योजना बनाई थी।
जांच में यह सामने आया है कि आतंकी संगठन लगातार ऐसे ड्रोन तैयार करने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें मॉडिफाई करके हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा सके। इन ड्रोन में कैमरा और बैटरी के साथ छोटे बम लगाए जाने थे। लेकिन इससे पहले ही आतंकियों का नेटवर्क पकड़ा गया। जसीर वानी ऐसे ड्रोन बम बनाने में माहिर था।
आतंकियों का उद्देश्य ड्रोन का उपयोग किसी भीड़-भाड़ वाली जगह या सुरक्षा ठिकाने पर टारगेटेड ब्लास्ट करने के लिए था, जैसा कि सीरिया, गाज़ा और अफगानिस्तान में हमास और अन्य आतंकवादी संगठनों द्वारा किया गया है। इस तकनीक को यहां भारत में कॉपी करने की कोशिश की जा रही थी।
दिल्ली के 10 नवंबर के कार बम धमाके में दो अन्य घायलों की मौत हो गई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान लुकमान (50) और विनय पाठक (50) के रूप में की गई है। इससे पहले, बिलाल नाम के एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो चुकी थी, जिससे मृतकों की संख्या 13 हो गई थी।
एनआईए की जांच में यह भी सामने आया कि जसीर बिलाल वानी, आतंकी उमर उन नबी का करीबी सहयोगी था। दोनों मिलकर कार बम हमले की पूरी योजना बना रहे थे। इस धमाके में 10 लोगों की मौत और 32 लोग घायल हुए थे। जसीर की भूमिका को हमले को खतरनाक स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।