प्रतीकात्मक इमेज (स्त्रोत- एआई जनरेटेड)
India Fuel Supply Status: हाल ही में पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर सोशल मीडिया और कुछ अन्य माध्यमों पर जो अफवाहें फैलाई जा रही हैं, उन्हें भारत सरकार और बीपीसीएल (BPCL) ने पूरी तरह से निराधार बताया है। सरकार की ओर से जारी बयान में स्पष्ट किया गया है कि देश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई चेन पूरी तरह से सामान्य रूप से काम कर रही है।
बीपीसीएल ने अपने ग्राहकों को आश्वस्त किया है कि वे पूरी तरह से परिचालन में हैं और उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के ईंधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू गई हैं, जो अप्रैल 2024 के बाद का उच्चतम स्तर है। खाड़ी के देशों में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट (Straits of Hormuz) में आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बावजूद, भारत सरकार ने एक ‘कम्फर्टेबल’ स्थिति होने का दावा किया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि भारत के पास होर्मुज स्ट्रेट में फंसी आपूर्ति से अधिक अन्य स्रोतों से ऊर्जा का प्रबंध है। सरकार ने साफ किया है कि कच्चे तेल, तेल उत्पादों और एलपीजी (LPG) के मामले में देश सुरक्षित स्थिति में है।
भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए रूस के साथ आयात को बड़ी मजबूती दी है। वर्ष 2022 में जहां भारत रूस से कुल आयात का मात्र 0.2 प्रतिशत तेल खरीदता था, वहीं फरवरी महीने में यह आंकड़ा बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है। फरवरी में भारत ने रूस से प्रति दिन 1.04 मिलियन बैरल कच्चे तेल का आयात किया, जिसने वैश्विक बाजार में अस्थिरता के बीच भारत की सप्लाई स्थिति को संतुलित बनाए रखा है।
बाजार में चल रही एमआरपीएल (MRPL) रिफाइनरी बंद होने की खबरें पूरी तरह से गलत हैं। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि एमआरपीएल के पास पर्याप्त स्टॉक है। इसके अलावा, सभी एलपीजी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मांग की कोई कमी न हो। घरेलू खपत को पूरा करने के लिए सरकार पेट्रोकेमिकल (Petchem) उत्पादों का उपयोग करने की योजना भी बना रही है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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भारत पेट्रोलियम सूचना (स्त्रोत- सोशल मीडिया)
सरकार और तेल कंपनियों ने सभी नागरिकों से आग्रह किया है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं। सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए केवल सरकारी और कंपनियों के अधिकृत स्रोतों पर ही भरोसा करें। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क और तैयार है।