भारत में पैसे से पैसा बनाने का क्रेज, इन चीजों में हो रहा जमकर निवेश, महिलाओं को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट
Indian Investment Trends: मिलेनियल सर्वे के मुताबिक, भारत में नौकरीपेशा लोगों और युवाओं के बीच निवेश का रुझान तेजी से बढ़ा है, जिसमें शेयर बाजार और सोना सबसे पसंदीदा विकल्प बनकर उभरे हैं।
- Written By: अक्षय साहू
भारतीयों में निवेश का ट्रेंड बढ़ा (AI जनरेटेड फोटो)
YouGov CPR Millennial Survey Report: भारत में अब लोग पहले के मुकाबले ज्यादा निवेश कर रहे हैं और साथ ही समझदारी से अपने पैसे को अलग-अलग जगह लगा रहे हैं। यह बात फाइनेंशियल और बिजनेस अखबर मिंट द्वारा कराए गए सर्वे (यूजीओवी सीपीआर मिलेनियल सर्वे) में सामने आई है। यूजीओवी सीपीआर मिलेनियल सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, 2022 में जहां 35% शहरी भारतीय अपने पैसे को भौतिक (जैसे घर, जमीन, सोना) और वित्तीय संपत्तियों (जैसे शेयर) दोनों में निवेश करते थे, वहीं अब यह आंकड़ा बढ़कर 45% हो गया है।
इसका मतलब है कि लोग अब सिर्फ एक जगह पैसा लगाने के जगग अलग-अलग निवेश विकल्प चुन रहे हैं, ताकि कम से कम जोखिम में बेहतर और ज्यादा रिटर्न मिल सके। रिपोर्ट में बताया गया है कि यह चलना मिलेनियल्स के साथ जेन जी में तेजी से बढ़ा है।
निवेश न करने वाले लोगों की संख्या में गिरावट
यूजीओवी सीपीआर मिलेनियल सर्वे रिपोर्ट बताया गया है कि जो लोग बिल्कुल भी निवेश नहीं करते, उनकी संख्या लगातार कम हो रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2019 में ऐसे लोगों की संख्या करीब 33% थी। जबकि 2022 में यह घटकर 27% रह गई। वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 23% पर आ गई है। वहीं, अगर सिर्फ नौकरी करने वाले लोगों की बात करें, तो अब केवल 13% लोग ही कोई निवेश नहीं करते, जबकि 2019 में यह आंकड़ा 26% था।
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निवेश न करने वाले लोगों की संख्या में गिरावट (AI जनरेटेड फोटो)
निवेश करने में महिलाएं अब भी पीछे
सर्वे में महिलाएं द्वारा निवेश के आंकडों पर भी बात की गई है, जिसके मुताबिक निवेश करने के मामले में महिलाएं अभी भी पुरुषों के मुकाबले काफी पीछे हैं। सर्वे के मुताबिक, भारत में फिलहाल लगभग 28 प्रतिशत महिलाएं कोई नहीं करती हैं। जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा केवल 19 प्रतिशत है। मतलब पुरुष महिलाओं की तुलना में अधिक निवेश करते हैं।
इसी वजह से महिलाएं आर्थिक संकट के समय खुद को कम सुरक्षित महसूस करती हैं। परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु जैसी स्थिति में सिर्फ 40% महिलाएं ही खुद को आर्थिक रूप से तैयार मानती हैं।
कम आय वाले लोग अब भी पीछे
हर आय वर्ग में निवेश बढ़ा है, लेकिन कम कमाई करने वाले लोग अब भी पीछे हैं। सर्वे में बताया गया है कि जिनकी मासिक आय 30 हजार रुपये से कम है, उनमें 23% लोग निवेश नहीं करते। वहीं, 50 हजार रुपये से ज्यादा कमाने वालों में यह संख्या 10% से भी कम है। इसके अलावा छोटे शहरों (टियर-3) में भी अब निवेश बढ़ रहा है, लेकिन वहां अब भी 29% लोग निवेश नहीं करते।
सर्वे कैसे किया गया?
यह सर्वे मार्च-अप्रैल 2026 में किया गया। इसमें देश के 207 शहरों और कस्बों के 10,022 लोगों से ऑनलाइन बातचीत की गई।
- 53% प्रतिभागी जेन जेड (1997-2008 में जन्मे)।
- 34% मिलेनियल्स (1981-1996 में जन्मे)।
शेयर और सोने में बढ़ा निवेश
शेयर बाजार और सोने में जमकर हो रहा निवेश (AI जनरेटेड फोटो)
सर्वे के मुताबिक, 2022 की तुलना में अब ज्यादा लोग शेयर बाजार और सोने में निवेश कर रहे हैं।
- शेयर बाजार में निवेश 21% से बढ़कर 28% हो गया।
- सोने में निवेश (ज्वेलरी और गोल्ड ETF सहित) 18% से बढ़कर 28% पहुंच गया।
- रियल एस्टेट में निवेश 15% से बढ़कर 19% हुआ।
- बॉन्ड में निवेश अभी भी कम है। सिर्फ 13% लोगों ने इसमें निवेश किया है।
2024 के बाद शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ने से लोग फिर से सोने को सुरक्षित निवेश मानने लगे हैं।
सोना अब भी महिलाओं की पहली पसंद
महिलाएं शेयरों की तुलना में सोने में अधिक निवेश कर रही हैं। सर्वे के मुताबिक, 26% महिलाओं ने सोना या गोल्ड ETF चुना। जबकि 22% महिलाएं शेयरों में निवेश करती हैं। वहीं, पुरुषों की सोच इस मामले में अलग नजर आई। सर्वे में 34% पुरुषों ने शेयर बाजार चुना। जबकि 29% ने सोने में निवेश को सही माना।
आर्थिक संकट के लिए कितने तैयार हैं लोग?
सर्वे में लोगों से पूछा गया कि अगर अचानक कोई बड़ा आर्थिक संकट आ जाए तो वे कितने तैयार हैं। इसके लिए लोगों के सामने तीन परिस्थितियां रखी गईं। पहला महंगा इलाज, दूसरा अचानक नौकरी चली जाना और तीसरा परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु के बाद की स्थिति।
आर्थिक संकट के लिए तैयार हैं भारतीय (AI जनरेटेड फोटो)
सर्वे के नतीजे बताते हैं कि भारत में 64% लोग मेडिकल इमरजेंसी के लिए तैयार हैं। वहीं, 57% लोग नौकरी जाने की स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। लेकिन सिर्फ 46% लोग परिवार के कमाने वाले सदस्य की मौत जैसी स्थिति के लिए खुद को तैयार मानते हैं।
ज्यादा कमाई वालों में भरोसा ज्यादा
जिनकी मासिक आय 1 लाख रुपये से ज्यादा है, उनमें से 80% से अधिक लोग मेडिकल इमरजेंसी का सामना करने के लिए खुद को तैयार मानते हैं। वहीं 30 हजार रुपये से कम कमाने वालों में यह आंकड़ा सिर्फ 59% है।
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हालांकि सर्वे के मुताबिक, महिलाएं आर्थिक रूप से ज्यादा असुरक्षित हैं। हर तरह के आर्थिक संकट में महिलाओं का आत्मविश्वास पुरुषों से कम है। परिवार के कमाने वाले सदस्य की मृत्यु की स्थिति में सिर्फ 42% महिलाएं खुद को तैयार मानती हैं। जबकि 51% पुरुष ऐसा मानते हैं।
