गणतंत्र दिवस के इतिहास में पहली बार! परेड में शामिल हुई इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी और बैंड

आज इंडोनेशिया के एक मार्चिंग दल और बैंड ने अपने अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन करते हुए यहां कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बना।
परेड में शामिल हुई इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी और बैंड
इंडोनेशिया की सैन्य टुकड़ी और बैंड
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नई दिल्ली : आज यानी रविवार 26 जनवरी को इंडोनेशिया के एक मार्चिंग दल और बैंड ने अपने अनुशासन और राष्ट्रीय गौरव का प्रदर्शन करते हुए यहां कर्तव्य पथ पर 76वें गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा बना। देखा जाए तो यह पहली बार है कि भारत के गणतंत्र दिवस पर इंडोनेशिया का कोई दस्ता परेड में शामिल हुआ।

यह भी पहली बार रहा कि एक इंडोनेशियाई सैन्य बैंड और एक सैन्य दल ने विदेश में किसी परेड में भाग लिया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो पारंपरिक बग्गी में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ कार्तव्य पथ पर पहुंचे।

वहीं राष्ट्रपति मुर्मू और सुबियांतों दोनों के परेड समारोह में पहुंचते ही दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका जोरदेर स्वागत किया। वहीं राष्ट्रपति मुर्मू और सुबियांतो ने भी नमस्ते की मुद्रा में उनका अभिवादन स्वीकार किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी अगवानी की। सुबियांतो से वह गले भी मिले और कुछ देर दोनों को बात करते हुए देखा गया।

जानकारी दें कि वह भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले चौथे इंडोनेशियाई राष्ट्रपति हैं। इंडोनेशिया के पहले राष्ट्रपति सुकर्णो 1950 में भारत के पहले गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बल (टीएनआई) के 152 कर्मियों की मार्चिंग टुकड़ी ने परेड के दौरान बेहतरीन अंदाज में मार्च किया और लोगों की खूब तालियां बटोरीं। इस टुकड़ी में सशस्त्र बलों की सभी शाखाओं-सेना, नौसेना और वायु सेना-के कर्मी शामिल थे। दल ने ‘‘भिन्नेका तुंगगल इका'' (विविधता में एकता) की भावना का प्रतिनिधित्व किया।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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