-
मंगल, 7 जुलाई 2026 ई-पेपर
Top News
- Hindi News »
- India »
- Du Clarifies In Delhi High Court We Can Show Pm Modis Degree To The Court But Not To Strangers
DU ने दिल्ली हाईकोर्ट में किया साफ़- कोर्ट को दिखा सकते हैं PM मोदी की डिग्री, अजनबियों को नहीं
- Written By: राहुल गोस्वामी
दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने दिल्ली होई कोर्ट से कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री से संबंधित अपने रिकॉर्ड अदालत को दिखाने को तैयार है, लेकिन RTI के तहत इसका खुलासा अजनबी लोगों के समक्ष नहीं करेगा।

प्रधानमंत्री मोदी (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नई दिल्ली: आज यानी गुरुवार को दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने दिल्ली होई कोर्ट से कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की डिग्री से संबंधित अपने रिकॉर्ड अदालत को दिखाने को तैयार है, लेकिन RTI के तहत इसका खुलासा अजनबी लोगों के समक्ष नहीं करेगा। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील दी, जिसके बाद अदालत ने प्रधानमंत्री की स्नातक की डिग्री के संबंध में सूचना का खुलासा करने के निर्देश देने वाले केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) के आदेश के खिलाफ डीयू की याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।
आज इस बाबत तुषार मेहता ने कहा कि, ‘‘दिल्ली विश्वविद्यालय को अदालत को इसे दिखाने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वह विश्वविद्यालय के रिकॉर्ड को जांच के लिए अजनबी लोगों के समक्ष नहीं रख सकता।” उन्होंने कहा कि सीआईसी का आदेश खारिज किए जाने योग्य है, क्योंकि ‘जानने के अधिकार’ से बढ़कर ‘निजता का अधिकार’ है। मेहता ने कहा, ‘‘मांगी गई डिग्री एक पूर्व छात्र की है, जो प्रधानमंत्री है। एक विश्वविद्यालय के रूप में हमारे पास छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। हमारे पास वर्षवार रिकॉर्ड है। विश्वविद्यालय को अदालत को रिकॉर्ड दिखाने में कोई आपत्ति नहीं है। हमारे पास 1978 की एक डिग्री है, जो ‘कला स्नातक’ की है।”
देश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
सम्बंधित ख़बरें
PM मोदी को इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर ‘महामंथन’, ड्रैगन की बढ़ेगी टेंशन!
PM मोदी की इंडोनेशिया राष्ट्रपति से आज अहम मुलाकात, रक्षा और समुद्री सहयोग पर हो सकते हैं बड़े फैसले
भारत के ब्रह्मोस और आकाश के दीवाने हुए ये देश… PM मोदी के विदेशी दौरे से पहले पूर्व राजदूत का बड़ा दावा
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली जिमखाना क्लब मामले में केंद्र सरकार से मांगा जवाब
जानकारी दें कि, नीरज नामक इक व्यक्ति द्वारा RTI आवेदन दाखिल किए जाने के बाद CIC ने 21 दिसंबर, 2016 को 1978 में बीए की परीक्षा पास करने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड के निरीक्षण की अनुमति दी थी। इसी वर्ष प्रधानमंत्री मोदी ने भी यह परीक्षा उत्तीर्ण की थी। RTI आवेदन में 1978 में परीक्षा देने वाले सभी छात्रों का विवरण मांगा गया था।
वहीं हाई कोर्ट ने बीते 23 जनवरी, 2017 को CIC के आदेश पर रोक लगा दी थी। न्यायालय ने इसी तरह की अन्य याचिकाओं पर भी अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। आरटीआई आवेदकों के वकीलों ने सीआईसी के आदेश का इस आधार पर बचाव किया कि सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम में प्रधानमंत्री की शैक्षिक जानकारी को व्यापक जनहित में प्रकट करने का प्रावधान है। मेहता ने बृहस्पतिवार को कहा कि ‘जानने का अधिकार’ असीमित नहीं है और किसी व्यक्ति की निजी जानकारी, जो सार्वजनिक हित या सार्वजनिक कर्तव्य से संबंधित नहीं है, को प्रकटीकरण से संरक्षित किया गया है।
उत्तर प्रदेश की ख़बरों के लिए यहां क्लिक करें
उन्होंने ‘कार्यकर्ताओं’ द्वारा RTI अधिनियम का दुरुपयोग किए जाने के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि वर्तमान मामले में प्रकटीकरण की अनुमति देने से विश्वविद्यालय के लाखों छात्रों के संबंध में आरटीआई आवेदनों का खुलासा हो जाएगा। मेहता ने कहा, ‘‘यह वह उद्देश्य नहीं है जिसके लिए आरटीआई की परिकल्पना की गई है। यह अधिनियम अनुच्छेद 19(1) के लिए अधिनियमित नहीं किया गया है। यह धारा 8 के तहत (अपवादों) के अधीन पारदर्शिता के लिए है।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान मामले में मांग राजनीतिक उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि केवल इसलिए कि सूचना 20 वर्ष से अधिक पुरानी है, ‘व्यापक सार्वजनिक हित’ की कसौटी समाप्त नहीं हो जाती। मेहता ने कहा कि यह कानून उन ‘स्वतंत्र लोगों’ के लिए नहीं है जो ‘‘अपनी जिज्ञासा को संतुष्ट करने” या दूसरों को ‘‘शर्मिंदा” करने के काम में लगे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की डिग्री को सार्वजनिक करने के अनुरोध के मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने 11 फरवरी को दिल्ली उच्च न्यायालय में दलील दी थी कि उसके पास यह सूचना प्रत्ययी की हैसियत से है और जनहित के अभाव में ‘‘केवल जिज्ञासा” के आधार पर किसी को आरटीआई कानून के तहत निजी सूचना मांगने का अधिकार नहीं है। आरटीआई आवेदकों में से एक का प्रतिनिधित्व करने वाले वकील ने 19 फरवरी को दलील दी थी कि किसी छात्र को डिग्री प्रदान करना कोई निजी कार्य नहीं है, बल्कि सूचना के अधिकार के दायरे में आने वाला एक सार्वजनिक कार्य है। सीआईसी के आदेश को चुनौती देते हुए डीयू ने कहा कि आरटीआई प्राधिकरण का आदेश ‘‘मनमाना” और ‘‘कानून की नजर में असमर्थनीय” है क्योंकि जिस सूचना का खुलासा करने की मांग की गई है वह ‘‘तीसरे पक्ष की व्यक्तिगत जानकारी” है।
इसका साथ ही आज दिल्ली विश्वविद्यालय ने कहा है कि CIC द्वारा किसी सूचना के प्रकटीकरण का निर्देश दिया जाना ‘‘पूरी तरह से अवैध” है जो उसके पास प्रत्ययी क्षमता में उपलब्ध है। इसने कहा कि प्रधानमंत्री सहित 1978 में बीए परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों के रिकॉर्ड की मांग ने RTI अधिनियम को एक ‘‘मजाक” बना दिया है। CIC ने अपने आदेश में डीयू को निरीक्षण की अनुमति देने को कहा था और उसके जन सूचना अधिकारी की इस दलील को खारिज कर दिया था कि यह तीसरे पक्ष की निजी सूचना है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
Du clarifies in delhi high court we can show pm modis degree to the court but not to strangers
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
सतलुज के समर्थन में उतरे राम गोपाल वर्मा, बोले- इस फिल्म का ‘एनकाउंटर’ मत कीजिए, इसे हर किसी को देखना चाहिए
Jul 07, 2026 | 03:36 PMLuxury Wedding Trend: क्या वॉटर बार बनने जा रहा है भारतीय शादियों का अगला बड़ा ट्रेंड?
Jul 07, 2026 | 03:29 PMनागपुर में कांग्रेस का भाजपा को अल्टीमेटम, ओबीसी जनगणना पर भाजपा नेता 15 दिन में रुख स्पष्ट करें
Jul 07, 2026 | 03:29 PMगड़चिरोली: खरीफ 2026 राज्यस्तरीय फसल प्रतियोगिता, विजेता किसानों को मिलेगा ₹50 हजार का पुरस्कार
Jul 07, 2026 | 03:28 PMभोपाल: सोशल मीडिया पर चर्चित पुलिस अफसर संतोष कुमार पटेल ने संभाला भोपाल एसीपी कोतवाली का कार्यभार
Jul 07, 2026 | 03:27 PMपुणे में बाढ़-भूस्खलन का संकट: सुनेत्रा पवार की समीक्षा बैठक, अधिकारियों को मुख्यालय न छोड़ने के निर्देश
Jul 07, 2026 | 03:22 PMभारत अब ईंधन आयात नहीं, निर्यात करेगा! नितिन गडकरी ने नवभारत कॉन्क्लेव में बताया देश का पैसा बचाने का प्लान
Jul 07, 2026 | 03:21 PMवीडियो गैलरी

वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रों का प्रदर्शन, कॉलेज प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप- VIDEO
Jul 07, 2026 | 02:01 PM
बांकीपुर उपचुनाव: जनता ही असली मालिक है-संजय झा का बड़ा बयान, प्रशांत कुमार पर साधा सीधा निशाना
Jul 07, 2026 | 11:17 AM
आगरा में बाथरूम हत्याकांड का खौफ! पत्नियों के डर से कॉलोनी के मर्दों ने छोड़ी शराब, देखें VIDEO
Jul 06, 2026 | 11:12 PM
आगरा में ट्रैफिक पुलिस का बड़ा एक्शन! 49 बसों के चालान, 17 बसें सीज, मचा हड़कंप। देखें VIDEO
Jul 06, 2026 | 11:00 PM
असली वारंटी फरार, बेगुनाह को पुलिस ने दिया थर्ड डिग्री! UP पुलिस की गंभीर लापरवाही पर उठे सवाल- देखें VIDEO
Jul 06, 2026 | 09:55 PM
हादसा या नशे का मजा? लखनऊ में कार सवार युवतियों ने बाइक को मारी टक्कर, ड्रिंक एंड ड्राइव का आरोप- VIDEO वायरल
Jul 06, 2026 | 09:36 PM














