
कॉन्सेप्ट फोटो (डिजाइन फोटो)
नई दिल्ली: दिल्ली में हार के बाद आम आदमी पार्टी का नेतृत्व इन दिनों पंजाब में शिफ्ट हो गया है। चाहे अरविंद केजरीवाल हों या आम आदमी पार्टी में दूसरे नंबर की हैसियत रखने वाले मनीष सिसोदिया, आप के दोनों ही बड़े नेता पंजाब की राजनीति का हिस्सा बनते जा रहे हैं। दोनों ही नेताओं को दिल्ली में करारी हार का सामना करना पड़ा।
जब अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट पर भाजपा के प्रवेश वर्मा से हार गए तो मनीष सिसोदिया ने इस बार पटपड़गंज सीट बदलकर जंगपुरा से चुनाव लड़ना सही समझा, लेकिन वहां भाजपा के तरविंदर सिंह मारवाह ने उन्हें हरा दिया। ऐसे में दोनों ही नेता दिल्ली से बाहर पंजाब में जाकर अपनी राजनीति कर रहे हैं।
मनीष सिसोदिया को हाल ही में आम आदमी पार्टी ने पंजाब का प्रभारी भी बनाया था और अरविंद केजरीवाल पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं। भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी पंजाब में सत्ता में है। हालांकि, दिल्ली में आम आदमी पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद लोग कह रहे हैं कि अरविंद केजरीवाल अब पंजाब में सरकार चला रहे हैं, जबकि भगवंत मान रिमोट कंट्रोल से काम कर रहे हैं।
केजरीवाल के अलावा मनीष सिसोदिया की पंजाब में एंट्री ने वहां की राजनीति को और भी दिलचस्प बना दिया है। अरविंद केजरीवाल अब अपना ज्यादातर समय पंजाब में बिता रहे हैं। फरवरी में दिल्ली विधानसभा चुनाव में हार के बाद केजरीवाल का दखल राष्ट्रीय राजधानी से ज्यादा पंजाब की राजनीति में देखने को मिला है।
कुछ मौके ऐसे भी आए जब अरविंद केजरीवाल को भगवंत मान से ज्यादा सरकारी सिस्टम में अहमियत मिली। पंजाब में केजरीवाल के लंबे-लंबे काफिले देखे गए। बिना किसी संवैधानिक पद के अरविंद केजरीवाल अस्पतालों और विभिन्न सरकारी संस्थानों का दौरा करते रहे।
आज लुधियाना के सिविल हॉस्पिटल में मुख्यमंत्री भगवंत मान जी के साथ नवीनीकृत सुविधाओं के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल हुआ। ये सभी सुविधाएँ आम लोगों को बहुत फ़ायदा देंगी। हमारा लक्ष्य है कि पंजाब में सभी को मुफ़्त और बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। pic.twitter.com/9FPlNWXlG9 — Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) March 18, 2025
कुछ दिन पहले केजरीवाल लुधियाना में एक अस्पताल के उद्घाटन में शामिल हुए थे, जहां मंत्रियों और अधिकारियों का पूरा ध्यान भी उन्हीं पर था। अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया भी इन दिनों पंजाब में घूम रहे हैं। वे स्कूलों का दौरा कर रहे हैं। बीते दिन मनीष सिसोदिया ने भगवंत मान के साथ स्कूलों का दौरा किया और कार्यक्रमों को संबोधित किया।
मनीष सिसोदिया मौजूदा भगवंत मान सरकार के कामों की तारीफ कर रहे हैं और साथ ही पंजाब में दिल्ली की उपलब्धियां गिना रहे हैं। जैसे-जैसे आप नेतृत्व पंजाब में शिफ्ट हुआ है, वैसे-वैसे दिल्ली मॉडल भी वहां शिफ्ट हो गया है। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दिल्ली में किए गए कामों का पंजाब में बखान कर रहे हैं। खासकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में दिल्ली की तरह पंजाब में भी क्रांति लाने का दावा किया जा रहा है।
पंजाब में भगवंत मान जी की सरकार के नेतृत्व में अद्भुद काम हुए हैं, जो 75 साल में नहीं हुए थे। 3 साल में पिछली सरकारों का फैलाया कचरा साफ़ हुआ है। अब पंजाब में रॉकेट की स्पीड से काम होंगे। नशे को ख़त्म करने के लिए भी जिस तरह से युद्ध छेड़ा गया है उससे पंजाब समेत पूरे देश में… pic.twitter.com/54hHDaAtJI — AAP (@AamAadmiParty) March 29, 2025
मनीष सिसोदिया ने बीते दिन अपने बयान में कहा था कि अब पंजाब में रॉकेट की गति से काम होगा। भगवंत मान कामों को गिनाते हुए कहते हैं कि अब पंजाब में स्वास्थ्य क्रांति होने जा रही है। मुख्यमंत्री कहते हैं कि पंजाब में पहली बार ऐसा हुआ है कि शिक्षा के लिए 17,000 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।
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इससे साफ है कि पंजाब अब दिल्ली मॉडल पार्ट-2 बनने की राह पर है। हालांकि इसके राजनीतिक मायने भी हैं, क्योंकि पंजाब में दो साल बाद विधानसभा चुनाव हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी यहां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती और इसीलिए दिल्ली नेतृत्व ने पंजाब में काफी मेहनत की है।






