डीके शिवकुमार ( Image- Social Media)
नवभारत डेस्क: अगर आप भी यह सोच रहे हैं कि शहर के बुनियादी ढांचे की समस्याओं का तत्काल समाधान क्या है और ये कब तक पूरा होगा, तो बेंगलुरु के विकास मंत्री और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने साफ कह दिया है कि अगर भगवान भी बेंगलुरु की सड़कों पर उतरकर चलें , तो भी अगले एक, दो या तीन साल में कुछ नहीं हो सकता।
बता दें कि गुरुवार को बीबीएमपी और डब्ल्यूआरआई इंडिया द्वारा आयोजित कार्यशाला नम्मा रास्ते 2025 का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि यह एक कठिन स्थिति है। उन्होंने शहर में लगभग 13,000 किलोमीटर लंबे सड़क नेटवर्क के लिए डिज़ाइन मानकों की पुस्तिका नम्मा रास्ते हैंडबुक भी जारी की।
शिवकुमार की यह साफ तौर पर मानना, बेंगलुरु के यातायात और बुनियादी ढांचे के संकट की गंभीरता को दिखाती है। उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब गड्ढों से मुक्त सड़कों और सुगम यातायात की मांग तेज है। कई बेंगलुरुवासियों ने शिवकुमार पर उम्मीदें लगाई थीं, जिन्होंने पहले ब्रांड बेंगलुरु परियोजना के तहत 70,000 से अधिक सुझाव इकट्ठा किए थे।
शहर के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में बताते हुए, शिवकुमार ने जगह की कमी पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि शहर की आबादी 1.4 करोड़ तक पहुँच गई है और पंजीकृत वाहनों की संख्या भी बढ़कर 1.1 करोड़ हो गई है।
सरकार ने सड़क डिज़ाइन, काम की गुणवत्ता और रखरखाव को मानकीकृत करके मौजूदा सड़कों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया है। उन्होंने विभिन्न नागरिक एजेंसियों और हितधारकों को एक साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा, “हमें ठीक से योजना बनानी होगी और परियोजनाओं को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करना होगा।”
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बीजेपी ने शिवकुमार के इस बयान की आलोचना करते हुए प्रदेश में सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार को अक्षम बताया। बीजेपी नेता मोहन कृष्ण ने कहा कि ये बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति ने कहा था कि वह ‘ब्रांड बेंगलुरु’ बनाएगा, उसने कहा है कि भगवान भी इसे ठीक नहीं कर सकते, तो फिर कौन कर सकता है? उन्होंने कहा कि भगवान ने एक व्यक्ति या पार्टी को लोगों की सेवा करने का अवसर दिया है।