करोड़ों की साइबर ठगी और बदनामी, पूर्व IPS अमर चहल ने खुद को क्यों मारी गोली? लिखा था 12 पेज का नोट

Former IPS Amar Chahal: पटियाला में पूर्व पुलिस अधिकारी अमर सिंह चहल ने 8.10 करोड़ की ठगी और मानसिक तनाव के कारण खुदकुशी की कोशिश की। उनकी हालत गंभीर है और मौके से 12 पेज का नोट मिला है।
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पूर्व IPS अमर चहल, फोटो- सोशल मीडिया
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Punjab Ex IPS Suicide Attempt: पंजाब के पटियाला में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पूर्व IPS अधिकारी अमर सिंह चहल ने साइबर ठगों के जाल में फंसकर खुद को गोली मार ली। 8.10 करोड़ रुपये की ठगी से परेशान होकर उन्होंने यह घातक कदम उठाया। फिलहाल वे अस्पताल में जीवन और मौत की जंग लड़ रहे हैं।

पंजाब पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी (IG) अमर सिंह चहल ने सोमवार को पटियाला में अपने गनमैन की राइफल से खुद को गोली मार ली। घटना की जानकारी मिलते ही उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक चली जटिल सर्जरी के बाद उनके सीने और फेफड़ों में फंसी गोली को सफलतापूर्वक निकाल लिया है। डॉक्टरों के अनुसार, अगले 12 से 24 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं और वे फिलहाल गहन निगरानी में हैं।

कैसे हुई 8-10 करोड़ की ठगी?

पुलिस को मौके से 12 पन्नों का एक विस्तृत नोट मिला है, जिसमें चहल ने साइबर ठगी के एक संगठित नेटवर्क का खुलासा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठगों ने 'F-777 DBS वेल्थ इक्विटी रिसर्च ग्रुप' के नाम से व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप चलाकर उन्हें निवेश का लालच दिया। खुद को DBS बैंक के अधिकारियों से जुड़ा बताकर, इन जालसाजों ने उन्हें स्टॉक ट्रेडिंग, IPO अलॉटमेंट और क्वांटिटेटिव फंड के जरिए भारी मुनाफे का झांसा दिया। विश्वास जीतने के लिए नकली डैशबोर्ड पर बढ़ा-चढ़ाकर प्रॉफिट दिखाया गया, लेकिन जब उन्होंने पैसा निकालना चाहा, तो सर्विस फीस और टैक्स के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये और ऐंठ लिए गए।

सुसाइड नोट में छलक उठा दर्द

डीजीपी गौरव यादव को संबोधित अपने पत्र में अमर सिंह चहल ने गहरी मानसिक पीड़ा और शर्मिंदगी व्यक्त की है। उन्होंने लिखा, "पंजाब पुलिस का अधिकारी होते हुए भी मैं आवश्यक सावधानी नहीं बरत सका और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा हूं"। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय नुकसान ने उनके परिवार को बर्बाद कर दिया है। चहल ने मांग की है कि इस घोटाले की जांच के लिए एक SIT या किसी केंद्रीय एजेंसी (CBI) को नियुक्त किया जाए ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके और ठगी गई राशि बरामद हो सके, जिससे वे अपने कर्जदारों का पैसा लौटा सकें।

पुराने विवाद और जांच की स्थिती

गौरतलब है कि अमर सिंह चहल का नाम साल 2015 में हुए बहबल कलां और कोटकपुरा पुलिस फायरिंग मामलों में भी आरोपी के तौर पर शामिल रहा है, जिसकी जांच पंजाब पुलिस की SIT कर रही है। फिलहाल, पुलिस आत्महत्या के प्रयास के इस ताजा मामले में हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

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