बाल-बाल बचे अधीर रंजन चौधरी! चुनाव प्रचार के बीच काफिले को ट्रक ने मारी टक्कर, साजिश की आशंका

Bengal Elections: पश्चिम बंगाल के बहरामपुर में चुनाव प्रचार से लौटते समय अधीर रंजन चौधरी के काफिले को एक ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में कई सुरक्षाकर्मी घायल हुए हैं। साजिश की आशंका जताई जा रही है।
west bengal latest news
अधीर रंजन चौधरी के काफिले पर ट्रक ने मारी टक्कर, फोटो- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Adhir Ranjan Chowdhury Accident: पश्चिम बंगाल में चुनावी पारा अपने चरम पर है। इसी सिलसिले में बुधवार की रात जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और बहरामपुर से उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी अपना चुनाव प्रचार खत्म कर वापस लौट रहे थे, तभी मौत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनके काफिले को जोरदार टक्कर मार दी।

यह महज एक सड़क दुर्घटना थी या फिर चुनाव के ऐन पहले किसी गहरी साजिश का हिस्सा, इस सवाल ने अब राज्य की सियासत में उबाल ला दिया है। इस दुर्घटना में कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।

आधी रात को हाईवे पर मची चीख पुकार

घटना बुधवार रात करीब 9 बजे की है, जब अधीर रंजन चौधरी कांदी से अपना जनसंपर्क अभियान पूरा कर वापस बहरामपुर लौट रहे थे। स्टेट हाईवे 11 पर जिबंती और हाटपारा के बीच का सन्नाटा अचानक गाड़ियों के टकराने की भीषण आवाज से टूट गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने उनके काफिले की उस एस्कॉर्ट गाड़ी को टक्कर मार दी, जिसमें पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान तैनात थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि एस्कॉर्ट गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार कई सुरक्षाकर्मी लहूलुहान हो गए। चश्मदीदों की मानें तो यह हादसा और भी भयावह हो सकता था, लेकिन अधीर रंजन की गाड़ी के ड्राइवर ने सही समय पर इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए, जिससे वे सुरक्षित बच गए।

कई सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल

हादसे में अधीर रंजन चौधरी तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके मीडिया सेल के चेयरमैन केतन जायसवाल सहित कई कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। केतन जायसवाल की स्थिति को देखते हुए उन्हें तुरंत मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोरने के साथ-साथ राजनीतिक आरोपों का दौर भी शुरू कर दिया है। जब खुद अधीर रंजन चौधरी से इस बारे में पूछा गया कि क्या इसके पीछे कोई साजिश हो सकती है, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले शब्दों में कहा कि "हो सकता है"। कांग्रेस पार्टी ने तो इसे एक पूर्व-नियोजित हमला तक करार दे दिया है, जिससे इलाके का सियासी माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।

जांच में जुटी पुलिस, जब्त किया गया ट्रक

घटना की गंभीरता को भांपते हुए कांदी पुलिस तुरंत हरकत में आई और टक्कर मारने वाले ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि क्या यह वाकई एक अनियंत्रित वाहन का हादसा था या फिर जानबूझकर काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने भी इस मामले में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और जिला पुलिस से पूरे घटनाक्रम पर एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में, जहां चुनाव के दौरान सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा रहती है, वहां एक प्रमुख नेता के काफिले पर इस तरह का हमला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com