मध्य पूर्व युद्ध का असर: गैस संकट से जूझ रहा Sambhajinagar, शहर के उद्योगों पर गहराया संकट

Sambhajinagar LPG Crisis: मध्य पूर्व युद्ध के असर से कमर्शियल LPG सप्लाई रुकने पर उद्योग संकट में। 15-20 कंपनियां बंद हो चुकी हैं व हजारों इकाइयों पर असर पड़ा है, पाइपलाइन गैस की योजना पर काम शुरू है।
Impact of the Middle East War: Sambhajinagar Grapples with Gas Crisis; Crisis Deepens for City's Industries
Sambhajinagar Commercial LPG Shortage( Source: Social Media )
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Sambhajinagar Commercial LPG Shortage: छत्रपति संभाजीनगर मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण केंद्र सरकार ने घरेलू गैस को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। जिससे औद्योगिक क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से शहर के उद्योग गंभीर संकट में आ गए हैं, इसके चलते 15 से 20 कंपनियां बंद हो चुकी हैं व कई अन्य उद्योगों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

शहर में 4500 से अधिक औद्योगिक इकाइयां हैं, जिनमें पाउडर कोटिंग सहित कई उद्योग एलपीजी पर निर्भर हैं। गैस न मिलने के कारण कुछ उद्योगों ने वैकल्पिक उपाय अपनाए हैं, जबकि कई को 'शटर डाउन' करना पड़ा है। इस संकट से निपटने के लिए भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने पाइपलाइन के जरिए गैस आपूर्ति शुरू करने की योजना बनाई है।

1 महीने में गैस आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद

इसके तहत वालूज, शेंद्रा व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में लाइन बिछाने का काम तेजी से किया जा रहा है, बीपीसीएल के टेरिटरी मैनेजर मनोज जाधव के अनुसार, अब तक 20 से 22 उद्योगों को पाइपलाइन के जरिए गैस सप्लाई शुरू की जा चुकी है।

करीब 75 उद्योगों ने इसके लिए पंजीकरण कराया था। वालूज व बिडकीन में काम लगभग पूरा हो चुका है, जबकि शैद्रा में भी सप्लाई शुरू हो गई है। चिकलबाना में अगले एक महीने में गैस आपूर्ति शुरू होने की उम्मीद है।

हालांकि, कई उद्योगों को अब तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है। मसिआ के अध्यक्ष अर्जुन गायकवाड़ ने बताया कि 25 लोगों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 10 से 12 लोगों को कनेक्शन मिल गया है।

रजिस्ट्रेशन के 8 हफ्ते बाद मीटर उपलब्ध हो जाता है। गैस पाइपलाइन का काम पूरा होने के बावजूद मीटर उपलब्ध न होने से सप्लाई में देरी हो रही है।

एमआईडीसी, सीईओ व बीपीसीएल के बीच हुई अहम बैठक

कई कंपनियां बंद हो गई है व मजदूर भी काम छोड़कर जा चुके हैं, ऐसे में दोबारा उद्योग शुरू करना चुनौतीपूर्ण होगा व अतिरिक्त खर्च भी बढ़ेगा, सीएमआईए के उत्सव माछर का कहना है कि एमआईडीसी के सीईओ व बीपीसीएल के बीच हुई बैठक में यह बात सामने आई कि जून तक सभी को गैस का विकल्प चुनना होगा उद्यमियों ने पाइपलाइन के लिए पंजीकरण करा लिया है।

उम्मीद जताई जा रही है कि अगले महीने में स्थिति सामान्य हो जाएगी, मिहीर सौंदलगेकर ने बताया कि वालुज की 40 औद्योगिक इकाइयों में से 35 के लिए आपूर्ति पहले ही शुरू हो चुकी है।

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