

Mallikarjun Kharge on New GST Slab: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने जीएसटी सुधारों पर मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में पहली बार किसानों पर टैक्स लगाया गया है। खड़गे ने केंद्र द्वारा रिकॉर्ड जीएसटी संग्रह का जश्न मनाने पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता की जेब पर बोझ बताते हुए सरकार के रिकॉर्ड कलेक्शन के जश्न पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि ये कोई बहुत बडा और अच्छा काम नहीं किया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि दूध-दही से लेकर बच्चों की पेंसिल और किताबों तक पर टैक्स लगाया गया है, जो गरीब और मध्यम वर्ग के खिलाफ सीधा हमला है।
जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को व्यापक सुधारों को मंजूरी दी। इसमें 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो-स्तरीय टैक्स स्लैब लागू करने का फैसला हुआ, जो 22 सितंबर से लागू होगी। व्यक्तिगत उपयोग की ज्यादातर वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया है और स्वास्थ्य व जीवन बीमा प्रीमियम पर पूरी छूट दे दी गई है। इसके बावजूद कांग्रेस ने इस फैसले को दिखावा बताते हुए कहा कि असली बोझ किसानों और आम जनता पर डाला गया है। उनका बोझ कम नहीं किया गया है हालांकि सरकार ने किसानों से जुड़े तमाम तरह के आइटम जो पहले 18 की स्लैब में आते थे उन्हें अब 5 प्रतिशत के स्लैब में शामिल किया गया है।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भाजपा सरकार ने जीएसटी को जटिल बनाकर 'एक राष्ट्र, एक कर' की अवधारणा को खत्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि अब 0%, 5%, 12%, 18% और 28% के टैक्स स्लैब के साथ-साथ 0.25%, 1.5%, 3% और 6% की विशेष दरें भी लागू हैं। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, उनकी पार्टी करीब एक दशक से जीएसटी के सरलीकरण की मांग करती रही है, लेकिन मोदी सरकार ने इसे और उलझा दिया।
खड़गे ने जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' नाम देते हुए कहा कि सरकार ने रोजमर्रा की चीजों पर भी टैक्स लगा दिया है। उन्होंने बताया कि देश के जीएसटी संग्रह का दो-तिहाई हिस्सा गरीब और मध्यम वर्ग से आता है, जबकि अरबपति सिर्फ तीन प्रतिशत जीएसटी चुकाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जहां कॉर्पोरेट टैक्स की दर 30% से घटाकर 22% कर दी गई, वहीं आम जनता पर बोझ बढ़ा दिया गया। खड़गे ने इस कदम को अन्यायपूर्ण करार दिया और कहा कि किसानों पर टैक्स लगाना सरकार की संवेदनहीनता को दिखाता है। कांग्रेस ने यह हमला ऐसे समय किया है जब सरकार GST सुधारों को बड़ी उपलब्धि बता रही है।