CISF Raising Day 2025: सिर्फ 2800 जवानों के साथ हुई थी शुरुआत, आज अपनी वीरता का इतिहास लिख रहा सीआईएसएफ

CISF: साल 1969 में केवल 2800 जवानों के साथ सीआईएसएफ की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज यह बल 1.7 लाख से अधिक जवानों के साथ एक सशक्त संगठन बन चुका है।
CISF Raising Day 2025
(कॉन्सेप्ट फोटो)
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नवभारत डेस्क: हर साल 10 मार्च को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) का स्थापना दिवस मनाया जाता है। यह बल भारत के महत्वपूर्ण औद्योगिक प्रतिष्ठानों, सरकारी इमारतों, परिवहन केंद्रों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। CISF की स्थापना 1969 में हुई थी और यह भारत सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। साल 1969 में केवल 2800 जवानों के साथ सीआईएसएफ की शुरुआत हुई थी, लेकिन आज यह बल 1.7 लाख से अधिक जवानों के साथ एक सशक्त संगठन बन चुका है।

बता दें कि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल की शुरुआत सरकारी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा के लिए की गई थी, लेकिन समय के साथ इस बल की जिम्मेदारियां बढ़ती गईं। अब यह मेट्रो रेल, परमाणु संस्थानों, हवाई अड्डों, बंदरगाहों, ऐतिहासिक धरोहर स्थलों और वीवीआईपी सुरक्षा सहित कई क्षेत्रों में कार्यरत है।

CISF की प्रमुख ड्यूटी

  • औद्योगिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा – सरकारी और निजी दोनों प्रकार की कंपनियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  • हवाई अड्डा सुरक्षा – देशभर के 64 से अधिक हवाई अड्डों की सुरक्षा CISF के जिम्मे है।
  • मेट्रो रेल सुरक्षा – दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, और अन्य शहरों की मेट्रो सेवाओं की सुरक्षा CISF द्वारा की जाती है।
  • वीआईपी सुरक्षा – देश के कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों को CISF द्वारा सुरक्षा दी जाती है।
  • विस्फोटक और आपदा प्रबंधन – खतरनाक पदार्थों से सुरक्षा और आपदा के समय राहत कार्यों में सहयोग।
  • पर्यटन स्थलों की सुरक्षा – ताजमहल, लाल किला, और कुतुब मीनार जैसे ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा CISF संभालता है।
  • परमाणु और अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्रों की सुरक्षा – भारत के प्रमुख वैज्ञानिक और अनुसंधान केंद्रों की सुरक्षा CISF द्वारा की जाती है।
  • समुद्री बंदरगाह और तेल रिफाइनरी की सुरक्षा – देश के महत्वपूर्ण बंदरगाहों और तेल रिफाइनरियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना।

CISF की विशेष टीमें

  • क्विक रिएक्शन टीम (QRT) – त्वरित प्रतिक्रिया और आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए।
  • स्पेशल वेपन एंड टैक्टिक्स (SWAT) टीम – उच्च-स्तरीय सुरक्षा कार्यों के लिए।
  • डॉग स्क्वॉड – विस्फोटकों और अन्य संदिग्ध वस्तुओं का पता लगाने के लिए।
  • फायर सर्विस यूनिट – औद्योगिक स्थलों पर अग्निशमन सेवाएँ प्रदान करने के लिए।
  • CISF मोटर ट्रांसपोर्ट यूनिट – सुरक्षा अभियानों के दौरान लॉजिस्टिक्स और परिवहन संबंधी सेवाएँ प्रदान करना।
  • इंटेलिजेंस और सर्विलांस यूनिट – महत्वपूर्ण स्थानों पर खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी करने का कार्य।

सीआईएसएफ में शामिल होने की प्रक्रिया

CISF स्थापना दिवस 10 मार्च को पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन परेड, पुरस्कार वितरण और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। CISF के जवानों को उनकी वीरता और उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया जाता है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में भर्ती की प्रक्रिया थोड़ी कठिन और अनुशासनपूर्ण होती है। इसमें निम्नलिखित चरण शामिल होते हैं।

  • लिखित परीक्षा- भर्ती के लिए विभिन्न स्तरों पर परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं।
  • शारीरिक परीक्षा- उम्मीदवारों की शारीरिक क्षमता और फिटनेस का परीक्षण किया जाता है।
  • मेडिकल टेस्ट- स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से उम्मीदवारों की फिटनेस सुनिश्चित की जाती है।
  • प्रशिक्षण- चयनित उम्मीदवारों को आधुनिक हथियारों, कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और विशेष सुरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

CISF देश की सुरक्षा व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। औद्योगिक इकाइयों, हवाई अड्डों, मेट्रो, और ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा में इसका योगदान अमूल्य है। CISF का प्रत्येक जवान अपने कर्तव्यों के प्रति समर्पित होता है और राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

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