बिहार में बसपा का बड़ा दांव, मायावती ने BSP के विवादित चेहरे को सौंपी कमान; अकेले लड़ेंगी चुनाव

बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर इन दिनों राजनीतिक दलों की तैयारियां जोरों पर हैं। यूपी में हार का सामना कर चुकी बसपा की नजर अब बिहार पर है। बसपा बिहार में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
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बसपा प्रमुख मायावती (फोटो- सोशल मीडिया)
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BSP Strategy on Bihar Assembly Election: बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज चल रही हैं। उत्तर प्रदेश में चुनावी जमीन तलाश रही बहुजन समाज पार्टी ने अब बिहार का भी रुख किया है। बसपा प्रमुख मायावती ने एक बड़ा फैसला लेते हुए न केवल बिहार में अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, बल्कि अपने भतीजे आकाश आनंद को प्रदेश की कमान सौंपकर एक स्पष्ट संदेश भी दे दिया है। इस घोषणा के बाद राज्य के राजनीतिक समीकरणों में नए बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

मायावती ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिहार चुनाव को लेकर पिछले दो दिनों तक चली गहन समीक्षा बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है। इस बैठक में उम्मीदवारों के चयन से लेकर संगठन की जमीनी तैयारियों तक हर पहलू पर विस्तार से चर्चा की गई। पार्टी को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए वरिष्ठ पदाधिकारियों को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

आकाश आनंद के साथ नई टीम मैदान में

बसपा सुप्रीमो ने स्पष्ट किया है कि बिहार में पार्टी के सभी कार्यक्रम उनके दिशा-निर्देशन में ही होंगे, और इसकी पूरी जिम्मेदारी राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद, केंद्रीय कोऑर्डिनेटर और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम तथा बसपा की बिहार स्टेट यूनिट पर होगी। पार्टी कार्यकर्ताओं को पूरी लगन और निष्ठा से काम करने का निर्देश दिया गया है, ताकि चुनावी मैदान में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकें। पार्टी अगले महीने से बिहार में विशेष यात्राओं और जनसभाओं का आयोजन करने जा रही है, जिससे जनता के बीच अपनी पैठ को मजबूत किया जा सके।

तीन जोन में बांटकर बनेगी रणनीति

चुनाव की तैयारियों को और धार देने के लिए बसपा ने बिहार को तीन जोन में बांटने का फैसला किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग जोन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, ताकि हर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दिया जा सके। मायावती ने कहा कि बिहार के तेजी से बदलते राजनीतिक हालात और चुनावी समीकरणों को देखते हुए पार्टी के पदाधिकारियों ने बेहतर प्रदर्शन का भरोसा दिलाया है। इससे पहले उड़ीसा और तेलंगाना में भी पार्टी ने यूपी के पैटर्न पर बूथ स्तर तक कमेटियों के गठन की समीक्षा की थी, और अब उसी मॉडल को बिहार में भी लागू करने की तैयारी है।

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