कांग्रेस का उत्तर प्रदेश से रिश्ता खत्म, पहले अमेठी से राहुल गांधी और अब रायबरेली से सोनिया गांधी की थी बारी: BJP
- Written By: साक्षी सिंह
सोनिया गांधी, फोटो- सोशल मीडिया
दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के राजस्थान से राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) के लिए नामांकन दाखिल करने पर बीजेपी उन पर तंज कस रही है।बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला (Shehzad Poonawala) ने कहा कि इस नामांकन के साथ एक बात स्पष्ट है कि गांधी परिवार का औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश के साथ अब कोई भी रिश्ता बचा नहीं है। उन्होंने इसे खत्म कर दिया है।
हवा का रूख पता चल गया
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा – उत्तर प्रदेश ने उनके परिवार को राजनीतिक रूप से पोषित किया। पहले वे अमेठी हारे और अब उनको हवा का रूख पता चल गया है कि अब शायद रायबरेली में भी वे सीट हारने वाले हैं। उससे पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपने सारे रिश्ते नाते तोड़ दिए। बता दें राहुल गांधी पहले ही अमेठ से चुनाव हार चुके हैं और अब सोनिया गांधी ज्यसभा चुनाव में।
सम्बंधित ख़बरें
कानपुर में बवाल: विधानसभा अध्यक्ष के बयान पर BJP -कांग्रेस में हिंसक झड़प, पुलिस ने संभाला मोर्चा! देखें VIDEO
सोनम वांगचुक मामले में भाजपा सांसद दिनेश शर्मा का आरोप, ‘देश में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे कुछ लोग’
‘सरकार ब्रिटिश राज जैसी हो गई’… आदित्य ठाकरे का मोदी सरकार पर बड़ा हमला-VIDEO
मेरा टिकट किसी और ने काटा… मंच पर फफक पड़े नरोत्तम मिश्रा, दिया सबसे बड़ा राजनीतिक बयान! देखें VIDEO
दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजस्थान से राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने पर भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, “इस नामांकन के साथ एक बात स्पष्ट है कि गांधी परिवार का औपचारिक रूप से उत्तर प्रदेश के साथ अब कोई भी रिश्ता बचा नहीं है। उन्होंने इसे… pic.twitter.com/fYxlrMdGzF — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 15, 2024
27 साल से जीतती आ रहीं हैं सोनिया गांधी
1999 से लेकर अब तक सोनिया गांधी लगातार छह बार रायबरेली और अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव जीतती रही हैं।1999 में वो अमेठी से जीती थीं, जिसके बाद 2004 से वो लगातार रायबरेली सीट से जीतती आ रही हैं। 2004 से राहुल गांधी इस सीट से जीतते रहे हैं। हालांकि 2019 में अमेठी से बीजेपी की स्मृति इरानी ने उन्हें हरा दिया था। अमेठी और रायबरेली दोनों कांग्रेस का गढ़ माना जाता था।
