इतनी जल्दबाजी क्यों? राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, तत्काल सुनवाई से साफ इनकार
Ayodhya Ram Mandir Supreme Court: अयोध्या राम मंदिर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने चंदे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया हैं। इस केस की सुनवाई जुलाई तक टाल दी है।
- Written By: प्रिया जैस
सुप्रीम कोर्ट और राम मंदिर (सौजन्य-IANS)
Supreme Court CBI Probe Ram Mandir Trust: सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुनवाई टाल दी। सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों की जांच की मांग करने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की सुनवाई तय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
यह याचिका वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने दायर की थी। इसमें FIR दर्ज करने और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) की देखरेख में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज और वित्तीय गतिविधियों में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच जरूरी है।
FIR के बिना SIT ने शुरू की जांच
याचिका में यह भी दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने किसी भी आपराधिक मामले को दर्ज किए बिना जांच शुरू कर दी है, जो प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है। उल्लेखनीय है कि 13 जून को कथित चढ़ावे से जुड़ी चोरी के आरोप सामने आने के बाद राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। इस एसआईटी ने 23 जून को प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।
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सुप्रीम कोर्ट में जब यह मामला सुनवाई के लिए आया तो न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से सवाल किया कि इसमें इतनी जल्दबाजी क्यों की जा रही है। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस मामले की सुनवाई गर्मी की छुट्टियों के बाद नियमित कामकाज शुरू होने पर होती है तो इससे कोई असाधारण स्थिति उत्पन्न नहीं होगी।
तत्काल सुनवाई की मांग खारिज
न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और न्यायमूर्ति शील नागू की पीठ ने याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग को खारिज कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि इस याचिका पर 12 से 17 जुलाई के सप्ताह में विचार किया जाएगा। इस मामले को लेकर याचिकाकर्ताओं ने कहा था कि आरोप गंभीर हैं और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका को देखते हुए तुरंत न्यायिक हस्तक्षेप जरूरी है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को तत्काल सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार नहीं माना।
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आपको बता दें कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है जबकि ट्रस्टी अनिल मिश्रा सहित ट्रस्ट के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के बयान भी जरूरत पड़ने पर दर्ज किए जा सकते हैं। चंपत राय ने बीते दिनों ट्रस्ट से इस्तीफा दिया था।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
