मुझे अंदाजा नहीं… चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने की चंपत राय से पूछताछ, कहा- मेरा कोई लेना-देना नहीं
Ram Mandir Donation Theft Case: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय ने पुलिस पूछताछ में अपनी भूमिका से इनकार करते हुए कहा कि उनकी सूचना पर ही आरोपी पकड़े गए।
- Written By: अक्षय साहू
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय (सोर्स- सोशल मीडिया)
Champat Rai Statement Ram Mandir Theft: अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का एक बड़ा बयान सामने आया है। चंपत राय ने चढ़ावा घोटाले में अपनी किसी भी प्रकार की भूमिका से साफ इनकार किया है। पुलिस की पूछताछ में उन्होंने बताया कहा कि जैसे ही उन्हें चोरी के बारे में पता चला तो वह तुरंत सक्रिए हो गए और उनके ही कहने पर संदिग्ध पकड़े गए।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जिन 8 लोगों पर FIR हुई और गिराफ्तार किया गया। उनमें से एक चंपत राय का करीबी और ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू भी शामिल है। इसके अलावा सभी आरोपी किसी न किसी प्रकार से चंपत राय से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने चंपत राय से करीबी तीन घंटे की लंबी पूछताछ की।
चंपत राय ने स्वीकार की गलती
पुलिस से पूछताछ के दौरान चंपत राय ने कहा कि यह सच है कि मंदिर से जुड़े फैसलों की जिम्मेदारी उनकी थी, लेकिन कई चीजें गलत हुई है। वह यह बात स्वीकार करते हैं। हालांकि उन्होंने कथित चढ़ावा चोरी में अपनी भूमिका से साफ इनकार कर दिया।
सम्बंधित ख़बरें
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ा फैसला, 17 साल बाद RMO अर्जुन देव का तबादला
राम मंदिर ट्रस्ट को कांग्रेस का पत्र, दान मामले के आरोपियों के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग
कांग्रेस सांसदों की एंट्री से पहले अयोध्या में हड़कंप! रामलला के दर्शन से पहले UP चीफ अजय राय हाउस अरेस्ट
अच्छा खाना नहीं बनाया तो… IPL खिलाड़ी शशांक सिंह ने IPS पिता के साथ मिलकर कुक को पीटा! FIR दर्ज
वहीं अपना ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि टिन्नू से उनका जुड़ाव काफी पुराना है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई अंदेशा नहीं था कि टिन्नू कुछ ऐसा कर सकता है। चंपत राय ने कहा कि उन्हें ही इस मामले की जानकारी सबसे पहले हुई थी, जिसके बाद उन्होंने आगे बढ़कर पुलिस को इस पूरे घोटाले की जानकारी दी। इसके बाद ही पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की।
अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार करवाया
चंपत राय ने अपने बयान में कुछ दिन पहले इस मामले में गिरफ्तार किए अनुकल्प मिश्रा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि, जब उन्हें मंदिर में हो रहे चढ़ावा चोरी की जानकारी मिली, तो उन्होंने पुलिस से बातचीत करके शुरुआती जांच करवाई और अनुकल्प मिश्रा को गिरफ्तार करवाया था।
यह भी पढ़ें- यूपी फतह के लिए नितिन नबीन ने बनाया प्लान! लखनऊ में होने जा रही BJP और RSS की बैठक; सीएम योगी भी होंगे शामिल
पैरवी के आधार पर दी नौकरी
SIT ने जब चंपत राय से पूछा कि इन लोगों की नियुक्तियां किन आधारों पर हुई थीं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि नियुक्तियों को लेकर कई पैमाने तय किए गए थे, लेकिन वह अकेले इसके जिम्मेदार नहीं है। लोगों की पैरवी के आधार पर इनकी नियुक्ति की गई थी। उन्होंने कहा कि उनसे गलतियां हुई है, लेकिन चढ़ावा चोरी में उनकी कोई भूमिका नहीं है।
