रामलला के दर्शन पर सियासत! कांग्रेस नेताओं के हाउस अरेस्ट पर भड़कीं मीता गौतमपुरा, सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
Meeta Gautampura Statement Ayodhya: अयोध्या मामले के बीच हाउस अरेस्ट हुईं कांग्रेस की पूर्व विधायक मीता गौतमपुरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी की जांच सिर्फ एक दिखावा है।
- Written By: अक्षय साहू
अयोध्या पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किया (सोर्स- सोशल मीडिया)
Congress Leader House Arrest In Ayodhya: उत्तर प्रदेश में अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामले को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल रामलला के दर्शन के लिए जाने वाला था, लेकिन इससे पहले ही कांग्रेस के कई नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। इसमें यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय और पूर्व विधायक मीता गौतमपुरा भी शामिल हैं।
कांग्रेस की पूर्व विधायक मीता गौतमपुरा ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रतिनिधिमंडल का मकसद सिर्फ रामलला के दर्शन करना था, लेकिन प्रशासन द्वारा उन्हें रोका गया और घरों में नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि, यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
रामलला के दर्शन करने से रोका जा रहा
मीता गौतमपुरा ने कहा कि पुलिस पहले से ही उनके आवास पर मौजूद थी और रात से ही निगरानी शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि उनके साथ जाने वाले अन्य सांसदों और पूर्व विधायकों को भी रोका गया है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार किस बात से डर रही है और क्या वह जनता से कुछ छिपाना चाहती है। उनके मुताबिक, आम नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन से रोकना उचित नहीं है।
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उन्होंने यह भी कहा कि यदि स्थिति इतनी संवेदनशील है कि लोगों को रामलला के दर्शन करने से रोका जा रहा है, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार पर दादागीरी का आरोप लगाते हुए कहा कि यह कदम सरकार की असफलता को दर्शाता है और इससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर प्रश्न उठते हैं।
जांच का दिखावा कर रही सरकार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में दर्ज एफआईआर और आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर मीता गौतमपुरा ने इसे दिखावा करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें ऊपर से नीचे तक मिलीभगत हो सकती है और कुछ लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिलीभगत है इसलिए बचा रहे हैं। यदि कोई और होता तो शायद अब तक बुलडोजर चल जाता या और कड़ी से कड़ी सजा दे दी गई होती।
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AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के बयान, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर यही मुस्लिम होते, तो उनको अभी तक गोली मार दी होती, पर प्रतिक्रिया देते हुए मीता गौतमपुरा ने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी किसी धर्म या जाति के आधार पर राजनीति नहीं करती। उनके अनुसार, कांग्रेस सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है।
एजेंसी इनपुट के साथ-
