

Astronomical Calendar 2026: नववर्ष 2026 में अनेक रोचक और दुर्लभ खगोलीय घटनाएं घटित होंगी, जिनके कारण आकाश में अद्भुत दृश्य देखने को मिलेंगे। भारत से वर्ष 2026 में कुल 1 पूर्ण चंद्रग्रहण, 12 उल्कावर्षाव, 10 धूमकेतु, 4 सुपरमून, 2 ब्लू मून, चंद्रमा के साथ ग्रह-तारों की सैकड़ों युतियां, ग्रहों की प्रतियुतियां, चमकीले ग्रह-तारों के दर्शन तथा इसरो की 7 महत्वपूर्ण मिशनों से जुड़ी गतिविधियां देखने को मिलेंगी। इन सभी खगोलीय घटनाओं का लाभ खगोल प्रेमियों, नागरिकों और विद्यार्थियों को उठाना चाहिए, ऐसा आह्वान चंद्रपुर के खगोल अभ्यासक एवं स्काई वॉच ग्रुप के अध्यक्ष सुरेश चोपणे ने किया है।
वर्ष 2026 खगोलीय घटनाओं की दृष्टि से पिछले वर्ष जैसा ही रहेगा। इस वर्ष कुल 4 ग्रहण होंगे, जिनमें से भारत से केवल 3 मार्च 2026 को एक पूर्ण (खग्रास) चंद्रग्रहण दिखाई देगा। विश्व के अन्य देशों में-
नए वर्ष में विशेष रूप से जनवरी महीने में 5 धूमकेतु देखने की संभावना है। इनमें से 4 धूमकेतु नंगी आँखों से और 6 दूरबीन से देखे जा सकेंगे। वर्ष 2026 में दिखाई देने वाले प्रमुख धूमकेतु इस प्रकार हैं—
वर्ष 2026 में लगभग 10 से 12 प्रमुख उल्कावर्षाव देखने को मिलेंगे 3 जनवरी : क्वाड्रेंटिड 22 अप्रैल : लिरिड मई : इटा एक्वारिड 8 अक्टूबर : ड्राकोनिड 21 अक्टूबर : ओरायोनिड 24 अक्टूबर : लियोनिड 12 नवंबर : टॉरिड 17 नवंबर : लियोनिड 14 दिसंबर : जेमिनिड 22 दिसंबर : उर्सिड
वर्ष की शुरुआत से लेकर लगभग पूरे वर्ष बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति और शनि, साथ ही यूरेनस और नेपच्यून ग्रह संध्या और कुछ समय प्रातः आकाश में दिखाई देंगे। कई महीनों तक ग्रहों की सुंदर “परेड” देखी जा सकेगी।
पूरे वर्ष चंद्रमा के साथ मंगल, शुक्र, बृहस्पति और शनि की अनेक युतियां तथा कुछ ग्रहों की प्रतियुतियां देखने को मिलेंगी।