
19 अगस्त को नजर आएगा सुपर मून (सौ.सोशल मीडिया)
पूरे देशभर में श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाने वाला हैं यह दिन भाई-बहन के अटूट बंधन औऱ प्यार का प्रतीक माना जाता है। इस दिन का महत्व खगोलीय विज्ञान में भी काफी महत्व रखता है यानि इस दिन 19 अगस्त को चंद्रमा का रंग पूरा नीला होने वाला है। इस दिन ब्लू मून की घटना होगी इसके चलते चंद्रमा पर इसका असर काफी गहरा होगा। कहा जाता हैं कि, सुपरमून की स्थिति होने पर चंद्रमा और पृथ्वी एक-दूसरे से 90 फीसदी से ज्यादा करीब रहता है। बताया जा रहा हैं कि, साल 2024 में चार सुपरमून नजर आएंगे।
यहां पर ब्लूमून की स्थिति की बात की जाए तो ब्लूमून दो तरह के माने गए है इसका रंग नीला होगा कि, नहीं कोई नहीं जानता। पहला ब्लू मून मौसमी होता हैं । इसमें एक ही मौसम में चार पूर्णिमा होती है। तीसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाता है, जैसा हमें 19 अगस्त को दिखेगा। वहीं पर दूसरे वाले ब्लू मून की बात की जाए तो, यह मासिक होता है इस दौरान एक ही महीने में दो पूर्णिमा आती हैं तो इसे ब्लू मून की स्थिति माना जाता है।
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बताया जाता हैं कि, सुपरमून शब्द का अविष्कार खगोलशास्त्री रिचर्ड नोले ने 1979 में किया था तो वहीं पर पहली बार ब्लू मून की स्थिति 1528 में दर्ज की गई थी। ब्लू मून के नाम की उत्पत्ति एक पुराने वाक्यांश से मानी जाती है, जिसका अर्थ विश्वासघाती चंद्रमा है। यहां पर ब्लूमून कब कहलाया इसकी जानकारी देते चलें तो, 1940 के आसपास दो पूर्ण चंद्रमाओं वाले एक ही महीने की दूसरी पूर्णिमा को ब्लू मून कहा जाने लगा। 19 अगस्त के बाद अगली पूर्णिमा सितंबर और अक्टूबर में होगी।
आपको बताते चलें कि, ब्लू मून की स्थिति किसी देश विशेष नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बनेगी। यहां पर बताया जा रहा है कि, ब्लू मून को आज 18 अगस्त से 19 और 20 अगस्त को देखा जा सकेगा। वहीं पर इसकी स्थिति भारत में कैसी रहेगी इसे मानें तो, इसे 19 अगस्त की रात से 20 अगस्त को सूर्य निकलने से पहले देख सकेंगे। इसके अलावा अन्य देशों की बात की जाए तो, यूरोप और अफ्रीका में रहने वालों के लिए सुपर ब्लू मून 19 अगस्त की रात को दिखाई देगा। इसे लेकर खगोल के एक्सपर्ट्स कहते हैं कि सुपर ब्लूमून देखने के लिए एक ऐसी जगह चुने जहां आसमान साफ हो और वायु प्रदूषण कम हो। शहर की रोशनी से दूर होने पर यह और साफ दिखेगा।






