AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (फोटो- सोशल मीडिया)
AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी अक्सर अपने बयानों से राजनीति का पारा बढ़ा देते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने एक ऐसा सपना देखा है जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। महाराष्ट्र के सोलापुर में एक जनसभा के दौरान ओवैसी ने भविष्य के भारत की एक अलग ही तस्वीर पेश की। उन्होंने पूरे जोश के साथ दावा किया कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी देश की प्रधानमंत्री जरूर बनेगी, जो उनके समर्थकों में जोश भर गया।
ओवैसी ने भारत के संविधान की ताकत को समझाते हुए पाकिस्तान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि पड़ोसी मुल्क के कानून में सिर्फ एक मजहब का व्यक्ति ही प्रधानमंत्री बन सकता है, लेकिन बाबा साहेब आंबेडकर का संविधान हर नागरिक को यह हक देता है। इसी भरोसे पर उन्होंने कहा कि भले ही हम तब तक जिंदा न रहें और हमारी हड्डियां भी मिट्टी में मिल जाएं, मगर देखना एक दिन यह सपना सच होकर रहेगा।
अपने भाषण में ओवैसी ने विरोधियों को सीधे निशाने पर लिया और कहा कि मुसलमानों के खिलाफ फैलाई जा रही नफरत ज्यादा दिन नहीं टिकेगी। जब मोहब्बत आम होगी, तब लोगों को समझ आएगा कि उनके दिमाग में कैसा जहर भरा गया था। इस बयान पर सियासी हलचल भी तेज हो गई है। राजद सांसद मनोज कुमार झा ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी बन सकता है, कपड़ों पर वोट नहीं पड़ते और संविधान को बेवजह विवाद में नहीं घसीटना चाहिए। वहीं भाजपा नेता आरपी सिंह ने भी माना कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अंदर किसी के लिए भी रास्ता खुला है।
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असदुद्दीन ओवैसी ने सिर्फ भविष्य की बात नहीं की, बल्कि दिल्ली में हुई हालिया घटना पर भी अपना गुस्सा जाहिर किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वक्फ संशोधन अधिनियम के चलते दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास वक्फ की संपत्ति का हिस्सा गिरा दिया गया। रामलीला मैदान क्षेत्र में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान वहां हिंसा भड़क गई थी। सोशल मीडिया पर मस्जिद गिराने के दावे के बाद पुलिस पर पथराव हुआ, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए और जवाब में आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ओवैसी ने इन घटनाओं के लिए मौजूदा व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है।