संसद भवन। इमेज-एआई
Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। इस सत्र में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कई महत्वपूर्ण बिलों को पेश करने की तैयारी में है। सत्र सुचारू रूप से चले और सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट नहीं चढ़े, उसके लिए सरकार सभी दलों के बीच आम सहमति बनाने की कवायद में है।
इसी कड़ी में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कल यानी 30 नवंबर को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रविवार की सुबह 11 बजे संसद भवन में यह बैठक आयोजित होगी। इसका उद्देश्य शीतकालीन सत्र को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से चलाने के लिए सभी दलों के बीच सहमति बनाना था।
इससे पहले हाल में केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने इस बैठक को लेकर जानकारी दी थी। मंत्री अर्जुन ने बताया था कि विपक्ष के नेताओं के साथ विधेयकों की सूची साझा करने और उनके सुझाव लेने के लिए सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। उसके बाद विपक्षी नेताओं के सुझावों के अनुसार सत्र को लेकर रणनीति बनाई जाएगी। बता दें, इससे पहले अगस्त में संसद सत्र के दौरान एसआईआर के मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ था। कई दिन संसद की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी थी।
संसद का शीतकालीन सत्र 1 से 19 दिसंबर तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले ही बताया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन तारीखों पर सत्र बुलाने के सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी हैं। इस बार 19 दिनों के दौरान कुल 15 बैठकें निर्धारित की गई हैं। 5 दिसंबर और 19 दिसंबर को निजी सदस्यों के विधेयकों पर और 12 दिसंबर को निजी सदस्यों के प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
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इस शीतकालीन सत्र में सरकार 10 नए विधेयक पेश करने की योजना में है। इनमें परमाणु ऊर्जा विधेयक 2025, हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल समेत सड़कों, कंपनियों और बाजार से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक शामिल हैं। जिन बिलों में संशोधन प्रस्तावित हैं, उनमें नेशनल हाईवेज (संशोधन) बिल, कॉरपोरेट लॉज (संशोधन) बिल 2025 और सिक्योरिटीज मार्केट्स कोड (SMC) बिल 2025 शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में बदलाव लाने की भी तैयारी कर रही है।