प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रकाश आंबेडकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Prakash Ambedkar Ultimatum PM Modi Two Reels: वंचित बहुजन आघाड़ी (VBA) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए एक बड़ा राजनीतिक धमाका किया है। मुंबई में आयोजित एक जन-विरोध प्रदर्शन के दौरान आंबेडकर ने पीएम मोदी को सीधा ‘अल्टीमेटम’ देते हुए कहा कि यदि वे अपनी “दो विवादित रील्स” को सार्वजनिक होने से रोकना चाहते हैं, तो उन्हें तुरंत प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
आंबेडकर ने अपने भाषण की क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की, जिसमें उन्होंने #EpsteinFiles और #MujraModi जैसे विवादित हैशटैग का उपयोग किया। उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी जी, अप्रैल तक का इंतज़ार करें। आपकी दो रील्स बाहर लाए बिना हम चैन से नहीं बैठेंगे। अगर उन रील्स को रोकना है, तो कुर्सी खाली करें।’ दिलचस्प बात यह है कि आंबेडकर ने पूरी सरकार के इस्तीफे की मांग नहीं की, बल्कि केवल मोदी के ‘बलिदान’ की बात कही ताकि देश की संप्रभुता सुरक्षित रह सके।
क्या बोले प्रकाश आंबेडकर कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अप्रैल तक इंताजार करो। तुम्हारी दो रील बाहर निकाले बिना नहीं रहूंगा। अगर वो रील नहीं आने देनी हैं, तो नरेंद्र मोदी को कुर्सी खाली करना होगा।”
पंतप्रधान नरेंद्र मोदी एप्रिलपर्यंत थांबा. तुमच्या दोन रिल्स बाहेर काढल्याशिवाय आम्ही राहणार नाही, एवढं लक्षात घ्या. त्या रिल्स येऊ द्यायच्या नसतील तर नरेंद्र मोदी यांनी खुर्ची खाली करावी. भाजपने भारताचे सार्वभौम टिकवण्यासाठी नरेंद्र मोदी यांना पायउतार करावे लागेल.… pic.twitter.com/VoCCfJ2R0n — Prakash Ambedkar (@Prksh_Ambedkar) March 2, 2026
प्रकाश आंबेडकर ने अमेरिका के साथ भारत के हालिया समझौतों को “गुलामी की संधि” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत की स्वायत्त विदेश नीति अब खत्म हो चुकी है और देश अब अमेरिका की विदेश नीति के हिसाब से चल रहा है। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से सीधा सवाल पूछा, “क्या आप ईरान युद्ध जैसे भविष्य के संकटों में अमेरिका के लिए भारतीय सैनिकों और सैन्य अड्डों के दरवाजे खोल देंगे?”
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वंचित बहुजन आघाड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि एपस्टीन फाइल से जुड़े ईमेल में पीएम का नाम आना और बिना ‘सोर्स कोड’ के महंगे राफेल जेट खरीदना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। आंबेडकर ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि मोदी का नेतृत्व ‘कम्प्रोमिसेड’ है और वे विदेशी ताकतों के इशारों पर काम कर रहे हैं।
आंबेडकर ने कांग्रेस समेत अन्य राष्ट्रीय दलों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो साहस राष्ट्रीय दल पिछले 12 वर्षों में नहीं दिखा पाए, वह वंचित बहुजन आघाड़ी ने कर दिखाया है। उन्होंने औरंगाबाद में आरएसएस के खिलाफ निकाले गए मोर्चे का हवाला देते हुए कहा कि कल के आंदोलन ने मोदी सरकार के खिलाफ जन-आक्रोश की नींव रख दी है।