राज्यसभा में अमित शाह को लेकर जबरदस्त हंगामा, खरगे-रिजिजू में हुई तीखी बहस, सदन सोमवार तक के लिए स्थगित
Monsoon Seasont: राज्यसभा में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग की, जबकि सरकार ने इसे नियमों के विपरीत बताया।
- Written By: अक्षय साहू
राज्यसभा में किरेन रिजिजू और मल्लिकार्जुन खरगे के बीच तीखी बहस हुई (सोर्स- सोशल मीडिया)
Kiren Rijiju-Mallikarjun Kharge Clash: राज्यसभा में शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में मौजूदगी और उनके बयान को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। कांग्रेस अध्यत्र और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गृह मंत्री से सदन में आकर बयान देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सभापति की बात का भी सम्मान नहीं किया जा रहा है।
वहीं, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि किस विषय पर कौन मंत्री सदन में जवाब देगा। पक्ष और विपक्ष के बीच हुए इस जबरदस्त टकराव के कारण राज्यसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 और फिर सोमवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।
छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई का विरोध कर रहा विपक्ष
विपक्ष 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा लाठी चर्जा और पैलेट गन के इस्तेमाल का विरोध कर रहा है। विपक्ष का कहना है कि जंतर मंतर पर अनुचित तरीके से छात्रों पर पुलिस ने बल का प्रयोग किया और वे गृहमंत्री से इस पर जवाब मांग रहे हैं। मल्लिकार्जुन खरगे ने सभापति को संबोधित करते हुए कहा कि गृह मंत्री को सदन में आना चाहिए। मुझे और कुछ नहीं कहना। हमने पहले भी यह बात कही थी कि गृह मंत्री सदन में आएं और सदन में आकर बयान दें।
सम्बंधित ख़बरें
सरकार का विरोध राष्ट्रद्रोह नहीं, उमर अब्दुल्ला ने किया मोहन भागवत का समर्थन, बोले- छात्रों की आवाज सुनें
इलाज के नहीं… रेफर करने के मिलते हैं ₹3000, राज्यसभा में राघव चड्ढा ने खोली कट मनी खेल की पोल; देखें VIDEO
हमारा एजुकेशन सिस्टम बर्बाद…JPSC-JSSC विवाद पर राहुल गांधी ने तोड़ी चुप्पी, कहा- छात्रों की आवाज सुने सरकार
Monsoon Session 2026: संसद गतिरोध खत्म करने की कोशिश तेज, लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी से मिले किरेन रिजिजू
खरगे का कहना था कि सभापति ने विपक्ष की यह भावना संसदीय कार्य मंत्री तक पहुंचाई थी, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा कि आपने विपक्ष की भावना संसदीय कार्य मंत्री को बता दी थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ नहीं हुआ। आपकी बात को भी मर्यादा नहीं दी जा रही है। यह सदन का अपमान है।
रिजिजू ने विपक्ष पर बोला हमला
इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि संसदीय व्यवस्था में यह स्पष्ट नियम है कि जिस विषय से संबंधित मंत्रालय होता है, उसी मंत्रालय का मंत्री सदन में जवाब देता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष यह तय नहीं कर सकता कि किसी मुद्दे पर कौन मंत्री सदन में उपस्थित होगा।
रिजिजू ने कहा, गृहमंत्री सुबह से देर रात तक संसद परिसर में मौजूद रहते हैं, लेकिन सदन में जिस विषय से संबंधित मंत्रालय होता है, उसी मंत्री की जिम्मेदारी होती है कि वह जवाब दे। विपक्ष यह तय नहीं करेगा कि किस विषय पर कौन मंत्री सदन में आएगा। यह अधिकार विपक्ष का नहीं है और ऐसी परंपरा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि सभापति ने केवल विपक्ष की मांग सरकार तक पहुंचाई थी, कोई निर्देश नहीं दिया था। रिजिजू ने कहा, सभापति ने विपक्ष की भावना बताई थी, किसी मंत्री को सदन में आने का निर्देश नहीं दिया था।
यह भी पढ़ें- राहुल गांधी ने नहीं दिया जवाब… सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म करने पर दिया बड़ा बयान, बोले- अब नेताओं पर भरोसा नहीं
देर रात तक संसद भवन में रहते हैं गृह मंत्री
संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के सांसद सदन में हंगामा करने के बाद यहां से चले जाते हैं, जबकि गृह मंत्री सुबह से लेकर देर रात तक संसद में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि केवल विपक्ष की मांग के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि हर विषय पर गृहमंत्री ही सदन में जवाब दें।
