AIADMK के दोनों गुटों में घमासान जारी, डिंडीगुल ऑफिस में पुलिस ने जड़ा ताला, दफ्तरों पर कब्जे की लड़ाई जारी
Dindigul AIADMK Office Sealed: AIADMK पार्टी में बढ़ती गुटबाजी लड़ाई की लड़ाई अब तमिलनाडु की जिला इकाइयों तक फैल गई है। इससे कई जगहों पर तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस को दखल देना पड़ा है।
- Written By: अमन मौर्या
AIADMK दफ्तर को सुरक्षा घेरा मे लिया गया (फोटो सोर्स- आईएएनएस)
AIADMK Internal Crisis EPS VS Velumani: विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में AIADMK पार्टी में आंतरिक संकट और गहरा गया है। पार्टी में बढ़ती गुटबाजी लड़ाई की लड़ाई अब तमिलनाडु की जिला इकाइयों तक फैल गई है। इससे कई जगहों पर तनाव की स्थिति बन गई है और पुलिस को दखल देना पड़ा है। मुख्यमंत्री विजय के फ्लोर टेस्ट के समय पार्टी में दो फाड़ हो गई थी।
पार्टी में एडप्पादी के. पलानीस्वामी गुट और सीवी शनमुगम तथा एस. पी. वेलुमणि के अगुवाई वाले दूसरे गुट में समर्थन जुटाने की लगातार प्रतिस्पर्धा चल रही है। परिणाम स्वरूप दोनों गुट पार्टी पर नियंत्रण को लेकर उलजते जा रहे हैं। इसके चलते कई पार्टी कार्यालयों पर ताला लगा दिया गया है और पुलिस ने उन्हें सुरक्षा घेरे में ले लिया है।
पुलिस ने किया हस्तक्षेप
विलुप्पुरम, कुड्डालोर, पुदुकोट्टई और करूर में इसी तरह के घटनाक्रमों के बाद अब डिंडीगुल में नया विवाद सामने आया है, जहां पुलिस ने जिला पार्टी इकाई पर नियंत्रण को लेकर आमने-सामने आए विरोधी गुटों के बीच टकराव रोकने के लिए हस्तक्षेप किया।
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डिंडीगुल विवाद ने दो प्रभावशाली नेताओं और पूर्व मंत्रियों, नाथम विश्वनाथन और डिंडीगुल श्रीनिवासन को सीधे टकराव की स्थिति में ला दिया है। ये मतभेद तब सामने आए जब ईपीएस गुट ने जिला स्तर के कई ऐसे पदाधिकारियों को हटा दिया, जिनके बारे में माना जाता था कि वे विद्रोही गुट से जुड़े हुए हैं।
विश्वनाथन समर्थकों ने मांगी सुरक्षा
जहां एक ओर नाथम विश्वनाथन ने वेलुमणि-शनमुगम खेमे का समर्थन किया है, तो वहीं दूसरी ओर डिंडीगुल श्रीनिवासन ईपीएस गुट के साथ मजबूती से खड़े हैं। विश्वनाथन के समर्थकों ने जिला कार्यालय में प्रवेश के लिए पुलिस सुरक्षा की मांग की। जबकि श्रीनिवासन के समर्थकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने प्रवेश मार्ग को सील कर दिया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दोनों गुटों को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया।
बाद में श्रीनिवासन ने अपने समर्थकों के साथ बैठक की और दोहराया कि AIADMK की जनरल काउंसिल ने सर्वसम्मति से एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी और निर्विवाद नेता स्वीकार किया है।
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जनरल काउंसिल बैठक में फैसला
श्रीनिवासन ने बागी विधायकों से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कहा कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के अनुसार फैसला लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने इस बात का भी संकेत दिया कि बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई होना तय है। इस बीच वेलुमणि-शनमुगम गुट ने मौजूदा नेतृत्व ढांचे को चुनौती देने के उद्देश्य से आपातकालीन जनरल काउंसिल बैठक बुलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागी खेमे के समर्थकों ने पूरे राज्य में जनरल काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी के सदस्यों से हस्ताक्षर जुटाने शुरू कर दिए हैं। उनका दावा है कि उन्हें 1,000 से ज्यादा सदस्यों का समर्थन पहले ही मिल चुका है। दूसरी तरफ राज्य में ईपीएस गुट विधानसभा में विश्वास मत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने उन 25 बागी विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है।
