तमिलनाडु: फ्लोर टेस्ट में पास हुई TVK, 144 विधायकों ने दिया साथ, 22 ने किया नजरअंदाज! DMK ने नहीं डाला वोट

Tamil Nadu Assembly Floor Test: तमिलनाडु विधानसभा में TVK की सरकार गठन का आगाज हो चुका है। तमिलनाडु विधानसभा में टीवीके ने कुल 144 विधायकों का समर्थन हासिल कर लिया है।
tamil nadu assembly tvk won floor test
फ्लोर टेस्ट में विजय पास (सौजन्य-IANS)
Updated on

Tamil Nadu Floor Test: बुधवार को तमिलनाडु विधानसभा में सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली TVK सरकार का बहुमत साबित करने के लिए फ्लोर टेस्ट की कार्यवाही चल रही थी। इस दौरान कांग्रेस और वाम दलों ने सरकार को अपना समर्थन दिया, जबकि विपक्षी दल DMK ने सदन से वॉकआउट किया और मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

तमिलनाडु विधानसभा में आज TVK सरकार ने विश्वास मत हासिल कर लिया। तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर JCD प्रभाकर ने घोषणा की। टीवीके सरकार को कांग्रेस, वाम दल और IUML ने सरकार को समर्थन दिया। हालांकि, DMK ने टीवीके का साथ न देते हुए वॉकआउट किया। इस दौरान भाजपा तटस्थ रही।

सदन में विश्वास प्रस्ताव के लिए वोटिंग हुई। इस दौरान कुल 144 विधायकों ने टीवीके का समर्थन किया है, जबकि 22 विधायकों ने विश्वास प्रस्वात के विरोध में वोट डाला है। तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने DMK के सदन से वॉक आउट की घोषणा की थी।

AIADMK में चल रही खींचतान

AIADMK के बागी विधायकों के एक गुट ने भी कार्यवाही के दौरान टीवीके को अपना समर्थन दिया। इस गुट का नेतृत्व वरिष्ठ नेता सीवी षणमुगम और एसपी वेलुमणि कर रहे थे। इस कदम ने AIADMK के भीतर के आंतरिक कलह को उजागर कर दिया है। विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद से ही पार्टी के भीतर खींचतान चल रही है।

यह विश्वास मत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन 234 सदस्यों वाली विधानसभा में वह बहुमत के आंकड़े को छू नहीं पाई। पार्टी सिर्फ 108 सीटों पर ही सिमट गई। इसके बाद पार्टी ने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीआई (एम) के समर्थन से सरकार बनाई।

विधायक के तौर पर ली थी शपथ

11 मई को तमिलनाडु विधानसभा में विजय ने अपने सहयोगी मंत्रियों के साथ विधायक के तौर पर शपथ ली थी। सीएम जोसेफ विजय ने पेरम्बूर विधानसभा क्षेत्र से शपथ ली थी। बता दें, कि विजय ने चुनावों में पेरम्बूर और त्रिची ईस्ट, दोनों सीटों से जीत हासिल की थी।

हालांकि, उन्होंने पेरम्बूर सीट को ही अपने पास रखा। पेरम्बूर से ही प्रतिनिधि के तौर पर बने रहने के अपने फैसले के बाद उन्होंने त्रिची ईस्ट सीट से इस्तीफा दे दिया। अब त्रिची सीट पर जल्द ही उपचुनाव होने का रास्ता साफ हो गया।

Navbharat Live
navbharatlive.com