ब्रह्मोस से लैस होगा राफेल, फाइटर जेट डील के बीच फ्रांस पहुंचे एयरफोर्स चीफ, टेंशन में चीन-पाकिस्तान
Rafale Fighter Jet Deal Update: भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे बड़े सौदे को लेकर एयरफोर्स चीफ तीन दिवसीय फ्रांस दौरे पर हैं। जहां वे 114 राफेल लड़ाकू विमान की डील को लेकर डसॉल्ट एविएशन का दौरा करेंगे।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
ब्रह्मोस (सोर्स- सोशल मीडिया)
Rafale Fighter Jet India-France Deal: भारत और फ्रांस के बीच भारतीय सैन्य इतिहास के सबसे बड़े सौदे को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एयरफोर्स चीफ एपी सिंह 114 राफेल लड़ाकू विमान की डील को लेकर फ्रांस पहुंचे हैं। जहां वे राफेल बनाने वाली कंपनी डसॉल्ट एविएशन का दौरा करेंगे।
भारत की इस मांग को लेकर मंथन जारी
सूत्रो के मुताबिक भारत राफेल के इंटरफेस कंट्रोल डॉक्यूमेंट्स (ICDs) तक सीधी पहुंच चाहता है। भारत की इस मांग को लेकर फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट अभी मंथन कर रही है। कंपनी बीच का रास्ता तलाश रही है। अगर यह डील पूरी होती है तो भारत बेहद आसानी से ब्रह्मोस, अस्त्र-एमके 1 सहित कई भारतीय हथियार राफेल में जोड़ सकेगा। ऐसा माना जा रहा है कि भारत को सीमित तकनीकी पहुंच दी जा सकती है, लेकिन मुख्य सोर्स कोड फ्रांस के नियंत्रण में रहेगा।
इस मेगा प्रोजक्ट के तहत भारत में तैयार होंगे 90 राफेल
बताया जा रहा है कि 114 राफेल विमानों का प्रस्तावित सौदा करीब 34 अरब यूरो का है। यह दुनिया के सबसे बड़े लड़ाकू विमान सौदों में से एक है। जिसके मुताबिक शुरुआती 24 विमान सीधे फ्रांस से भारत को दिए जाएंगे। इसके बाद लगभग 90 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा।
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‘मेक इन इंडिया’अभियान को मिलेगा बढ़ावा
ऐसा माना जा रहा है कि भारत की आवश्यकता पूरा करने के लिए 24 विमान भारत को मिलेंगे लेकिन इसके बाद लगभग 90 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा। स्थानीय उत्पादन का लक्ष्य करीब 50 प्रतिशत तक रखा गया है। भारत के रक्षा उत्पादन और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
तकनीकी बढ़त बनाना चाहता है भारत
रक्षा विशेषज्ञो की मानें तो पाकिस्तान आने वाले वर्षों में चीन से लगभग 40 J-35 स्टील्थ लड़ाकू विमान हासिल कर सकता है। इसलिए भारतीय वायुसेना अपनी तकनीकी बढ़त बनाए रखने के उद्देश्य से यह काम कर रही है। राफेल के साथ मिलने वाली मेटियॉर मिसाइल, अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और एडवांस सेंसर इसे क्षेत्र के सबसे घातक लड़ाकू विमानों में शामिल करते हैं।
ब्रह्मोस से लैस राफेल
बता दें कि एनजी (BrahMos-NG) मिसाइल से लैस राफेल (Rafale) लड़ाकू विमान भारत के लिए एक रणनीतिक ‘ब्रह्मास्त्र’ है। यह राफेल की मारक क्षमता को कई गुना बढ़ा देता है। इससे भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए दुश्मन के सीमावर्ती इलाकों में प्रवेश किए बिना ही, सुरक्षित दूरी से सटीक हमला करना आसान होगा।
