

Iran Launches Missile Drone Attack On Kuwait: खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। सोमवार, 1 जून 2026 की सुबह ईरान ने कुवैत पर अचानक मिसाइलों और घातक ड्रोनों से बड़ा हमला बोल दिया। इस अचानक हुई बमबारी के बाद कुवैत के प्रमुख शहरों में सुबह-सुबह युद्ध के सायरन गूंजने लगे, जिससे आम नागरिकों में भारी दहशत फैल गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों और बंकरों की ओर भागते देखे गए।
कुवैत की आधिकारिक समाचार एजेंसी (KUNA) ने पुष्टि की है कि देश भर में वॉर सायरन बज रहे हैं। कुवैती सेना ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए अपने अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम को सक्रिय कर दिया है। यह डिफेंस सिस्टम ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने की कोशिश कर रहा है ताकि नागरिक इलाकों में नुकसान को कम किया जा सके। फिलहाल अभी तक किसी बड़े जान-माल के नुकसान की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
ईरान की इस आक्रामकता के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी सक्रिय भूमिका निभाई है। सेंटकॉम ने पुष्टि की है कि अमेरिका ने ईरानी कार्रवाइयों के जवाब में 'सेल्फ-डिफेंस' के तहत कई सैन्य हमले किए हैं। दरअसल, यह तनाव तब और बढ़ गया था जब ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उड़ रहे अमेरिकी MQ-1 ड्रोन को मार गिराया था। अमेरिका ने इसी के जवाब में यह कार्रवाई की है।
अमेरिकी सेना द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार को किए गए हमलों में ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोनों को तबाह कर दिया गया है। अमेरिकी फाइटर एयरक्राफ्ट्स ने विशेष रूप से ईरान के गोरुक इलाके और केश्म द्वीप पर स्थित रडार तथा ड्रोन कमांड एंड कंट्रोल साइट्स को निशाना बनाया। अमेरिका ने इन हमलों को 'मापा हुआ और सीमित' बताया है, जिसे ईरानी आक्रामकता के जवाब में अंजाम दिया गया।
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल होती दिख रही है। इस बीच इजरायल ने भी लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो लगातार इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनानी नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं ताकि युद्ध को और फैलने से रोका जा सके। हालांकि, रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी हमले रुकने के बाद ईरान ने अपनी अंडरग्राउंड मिसाइल साइट्स को फिर से खोल दिया है, जो भविष्य में बड़े टकराव का संकेत दे रहे हैं।