

नई दिल्ली/काठमांडू. नेपाल (Nepal) में मंगलवार को एक घंटे में चार भूकंप आए, जिसके चलते यहां काफी नुकसान होने की खबर है। न्यूज़ रिपोर्ट्स के मुताबिक नेपाल में कई इमारतों में दरारे पड़ी और कई घर क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही भूस्खलन (Land Slide) के चलते राजमार्ग बंद हो गया है। इसके पांच लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया हिए।
नेपाल पुलिस के मुताबिक भूकंप के बाद बझांग जिले में कम से कम पांच लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और भूकंप के कारण हुए भूस्खलन के कारण प्रमुख राजमार्गों पर यातायात बाधित हो गया है। हालांकि, किसी भूकंप से किसी की मौत नहीं हुई। जिले के विभिन्न स्थानों पर इमारतों में दरारें देखी गईं। इसके अलावा कई घर क्षतिग्रस्त और ढह गए हैं।
एनसीएस के एक अधिकारी ने कहा कि 4.6 तीव्रता का पहला भूकंप दोपहर 2:25 बजे पश्चिम नेपाल में जमीन से 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। इसके बाद 2:51 बजे हिमालयी राष्ट्र में एक बार फिर तेज भूकंप का झटका आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 6.2 मापी गई। दो और भूकंप (3.6 और 3.1 तीव्रता के) क्रमशः तीन बजकर छह मिनट पर और तीन बजकर 19 मिनट पर उसी क्षेत्र में 15 किमी और 10 किमी की गहराई पर आए। सबसे शक्तिशाली भूकंप का केंद्र उत्तराखंड की तीर्थनगरी जोशीमठ से 206 किलोमीटर दक्षिणपूर्व और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 284 किलोमीटर उत्तर में था। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी लोगों ने दूसरे भूकंप के बाद तेज झटके महसूस किए और अपने कार्यालयों और ऊंची इमारतों से बाहर निकल आए।
दिल्ली पुलिस ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा, "हमें उम्मीद है कि आप सब सुरक्षित हैं। कृपया अपनी इमारतों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थान पर आ जाएं, लेकिन घबराएं नहीं। लिफ्ट का इस्तेमाल न करें। किसी भी आपातकालीन मदद के लिये 112 पर फोन करें।"
चंडीगढ़ और जयपुर समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। जयपुर में पुलिस नियंत्रण कक्ष ने कहा कि अभी तक किसी नुकसान की कोई सूचना नहीं है। नेपाल दुनिया के सबसे सक्रिय टेक्टोनिक क्षेत्रों (भूकंपीय क्षेत्र चार और पांच) में से एक में स्थित है, जो देश को भूकंप के प्रति बेहद संवेदनशील बनाता है। (एजेंसी इनपुट के साथ)