दार्जिलिंग में आपदा का कहर, भूस्खलन से भीषण तबाही; अब तक 23 लोगों की मौत
Darjeeling Landslide: सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि समस्या गंभीर है। भूटान में लगातार बारिश के कारण पानी उत्तर बंगाल में भर गया है। यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है- प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं।
- Written By: मनोज आर्या
दार्जिलिंग लैंडस्लाइड, (फाइल फोटो)
Darjeeling Landslide: पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में रविवार, 5 अक्टूबर को भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई। लगातार हो रही बारिश की वजह से दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में यह घटनाएं हुईं। जानकारों के मुताबिक ऐसा भीषण भूस्खलन पिछले एक दशक में देखने को नहीं मिला था। भूस्खलन की इन घटनाओं में अभी तक कम से कम 23 लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कई दर्जन लोग घायल हो गए हैं। इसके अलावा कई गांव पूरी तरह से सड़क मार्क से कट गए हैं, जिससे दार्जिलिंग जैसे जगह पर मौजूद पर्यटक भी पहाड़ों में फंस गए हैं।
न्यूज़ एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्खलन की यह घटनाएं सबसे ज्यादा मिरिक, दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में हुई। इनमें अब तक कुल 23 लोगों के मारे जाने की आशंका है। एनडीआरएफ और स्थानीय जिला प्रशासन के अनुसार केवल दार्जिलिंग जिले में ही कुल 18 लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
पूरे क्षेत्र में 35 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना
इससे पहले दिन में उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा ने भूस्खलन की वजह से स्थिति को चिंताजनक बताया था। दार्जिलिंग क्षेत्र की देखरेख करने वाले गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) ने कहा कि पूरे क्षेत्र में 35 स्थानों पर भूस्खलन की सूचना मिली है। अधिकारियों का कहना है कि यह 2015 के बाद से सबसे भीषण भूस्खलन आपदा हो सकती है। उस समय पर आई आपदा में 40 लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी।
सम्बंधित ख़बरें
चांद की सतह पर नहीं जमीन के नीचे है बर्फ, चंद्रयान-2 ने खोज लिया पानी का खजाना! वैज्ञानिक भी रह गए हैरान
Dementia Disease: डिमेंशिया से पीड़ित थे मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र, जानिए कितनी खतरनाक है यह बीमारी
भतीजे के कारण बंगाल में हारीं ममता, TMC नेताओं के निशाने पर क्यों हैं अभिषेक बनर्जी? पार्टी में बढ़ी कलह
केन्या के गर्ल्स स्कूल में भीषण आग: 16 छात्राओं की मौत, 70 से अधिक घायल; राष्ट्रपति ने दिए जांच के आदेश
प्रकृति के इस गुस्से में दार्जिलिंग पूरी तरह अस्त-व्यस्त
प्रकृति के इस गुस्से में दार्जिलिंग पूरी से अस्त-व्यस्त हो गया है। मिरिक सुखियापोखरी मार्ग जैसे प्रमुख सड़कें बंद हो गई है और क्षेत्र के मुख्य राजमार्गों पर कीचड़ की मोटी परत जमा हो गई है। एनडीआएफ के मुताबिक, दार्जिलिंग और उत्तरी सिक्किम में सड़क संपर्क बुरी तरह बाधित हो गया है, सिलीगुड़ी को मिरिक- दार्जिलिंग मार्ग से जोड़ने वाला एक लोहे का पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे प्रमुख पहुंच मार्क कट गए हैं।
आपदा में फंसे सैकड़ों पर्यटक
इसके अलावा कोलकाता, हावड़ा और हुगली से दुर्गा पूजा की छुट्टियां के लिए दार्जिलिंग पहुंचे सैंकड़ों पर्यटक भारी बारिश की वजह से अब अपनी-अपनी जगह पर फंसे हुए हैं। राज्य में बढ़ते संकट को देखते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आपातकालीन बैठक बुलाई। इस बैठक के बाद उन्होंने घोषणा की कि वह नुकसान का आकलन करने के लिए सोमवार 6 अक्टूबर को उत्तर बंगला का दौरा करेंगी।
ये भी पढ़ें: जयपुर SMS अस्पताल के ICU में आधी रात भड़की आग, शॉर्ट सर्किट ने 6 मरीजों को जिंदा निगला
एक मीडिया प्लेटफॉर्म से बात करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि समस्या गंभीर है। भूटान में लगातार बारिश के कारण पानी उत्तर बंगाल में भर गया है। यह आपदा दुर्भाग्यपूर्ण है- प्राकृतिक आपदाएं हमारे नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि केवल 12 घंटों में 300 मिमी से अधिक बारिश दर्ज गई, जिससे कम से कम सात जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ आ गई। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री मोदी ने भी दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।
