अदाणी ग्रुप की बड़ी पहल, भूटान में 570 मेगावाट जलविद्युत परियोजना के लिए ड्रुक ग्रीन पावर से करार

Adani power और भूटान की सरकारी स्वामित्व बिजली कंपनी ड्रुक ग्रीन पावर कॉर्प ने शनिवार को भूटान में 570 मेगावाट की वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के लिए शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए।
adani bhutan business deal
भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अदाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अदाणी, फोटो- सोशल मीडिया
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Adani Group and Druk Green Power:  पावर परचेस एग्रीमेंट (पीपीए) पर सैद्धांतिक सहमति भी बनी और डेवलपर्स ने भूटान की शाही सरकार के साथ प्रोजेक्ट के लिए रियायत समझौते (सीए) पर भी हस्ताक्षर किए। भूटान के प्रधानमंत्री दाशो शेरिंग तोबगे और अदाणी ग्रुप के अध्यक्ष गौतम अदाणी की उपस्थिति में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

इस कदम से अदाणी पावर और डीजीपीसी के लिए रन-ऑफ-रिवर वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन को बीओओटी (बिल्ड, ओन, ऑपरेट, ट्रांसफर) मॉडल पर शुरू करने का मार्ग बेहतर हो सकता है। अदाणी पावर के सीईओ एसबी ख्यालिया ने इस पर बयान दिया है।

क्या बोले अदाणी पावर के सीईओ एसबी ख्यालिया?

अदाणी पावर के सीईओ एसबी ख्यालिया ने कहा, "भूटान सस्टेनेबल डेवलपमेंट में दुनिया के लिए एक आदर्श है और हम इस रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट के माध्यम से देश के प्राकृतिक संसाधनों के विकास में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए बेहद उत्साहित हैं। वांगछू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट सर्दियों में भूटान की सबसे ज्यादा मांग को महत्वपूर्ण रूप से पूरा करेगी जब जल विद्युत उत्पादन कम होता है। गर्मियों के महीनों के दौरान यह भारत को बिजली निर्यात करेगी।"

60 अरब रुपए का होगा निवेश

आपको बता दें कि वांगछू प्रोजेक्ट में रिन्यूएबल एनर्जी पावर प्लांट और संबंधित इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थापना में लगभग 60 अरब रुपए का निवेश किया जाना तय किया गया है। डीटेल्ड परियोजना रिपोर्ट की तैयारी पूरी कर ली गई है और निर्माण कार्य साल 2026 की पहली छमाही तक शुरू हो जाने की उम्मीद जताई गई है। इस प्रोजेक्ट को शिलान्यास के पांच साल के भीतर ही पूरा कर लेने का लक्ष्य भी रखा गया है।

दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की आधारशिला: दाशो छेवांग

डीजीपीसी के प्रबंध निदेशक, दाशो छेवांग रिनजिन ने कहा, "भूटान और भारत 1960 के दशक से ही भूटान की विशाल जलविद्युत क्षमता का दोहन करने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। जलविद्युत के क्षेत्र में इस सहयोग से दोनों देशों को अत्यधिक लाभ हुआ है और इसे दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों की आधारशिला माना जाता है।"

ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस देश बनने के प्रयास में भूटान

भूटान अगले दशक में एक हाई इनकम ग्रॉस नेशनल हैप्पीनेस देश बनने की कोशिश में जुटा है। इसलिए जलविद्युत और सोलर एनर्जी जैसे संसाधनों से विश्वसनीय और सस्ती बिजली तक पहुंच देश के इकोनॉमिक डेवलपमेंट को गति देने के लिए अन्य निवेशों को सक्षम बनाने के लिए जरुरी होगी। इसलिए भूटान साल 2040 तक जलविद्युत में 15,000 मेगावाट और सोलर एनर्जी उत्पादन क्षमता में 5,000 मेगावाट की अतिरिक्त वृद्धि करने की योजना बना रहा है।

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