मुठभेड़ में मारा गया नक्सली और सुरक्षाबल।
Jharkhand Encounter: नक्सल विरोधी अभियान के तहत आज झारखं के चाईबासा जिला अंतर्गत सारंडा जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सली संगठन के बीच मुठभेड़ हुई। यह मुठभेड़ छोटानागरा थाना क्षेत्र के घने और दुर्गम जंगलों में उस वक्त हुई, जब नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षाबलों ने एक विशेष संयुक्त अभियान शुरू किया। मुठभेड़ में 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली अनल समेत 10 नक्सलियों के मारे जाने की सूचना है।
सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को सारंडा के जंगलों में नक्सलियों की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के बाद कोबरा बटालियन, झारखंड जगुआर, जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में एक विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान के दौरान जैसे ही सुरक्षाबल नक्सलियों के करीब पहुंचे, नक्सलियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
सुरक्षाबलों ने भी तुरंत मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों तरफ से काफी देर तक गोलीबारी होती रही। इससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। बताया जा रहा कि सुरक्षाबलों के दबाव बढ़ने पर कुछ नक्सली घने जंगलों का फायदा उठाकर फरार हो गए। मुठभेड़ बाद सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और सघन तलाशी अभियान जारी है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार नजर बनाए हुए है। क्षेत्र में अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है, जिससे किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
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नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अनल के मुठभेड़ में मारे जाने पर खुशी जताते हुए पुलिस टीम को बधाई दी है। बाबूलाल ने कहा कि चाईबासा स्थित सारंडा जंगल में कोबरा बटालियन, सीआरपीएफ और झारखंड पुलिस की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान में एक करोड़ के इनामी नक्सली समेत 10 नक्सलियों को ढेर किया जाना लाल आतंक के खिलाफ बड़ी सफलता है। इस विशेष अभियान में शामिल जवानों ने अदम्य साहस, शौर्य का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही।