मरीज की जांच करता डॉक्टर (सौ. एआई)
World Tuberculosis Day 2026: टीबी (क्षय रोग) आज भी दुनिया की सबसे घातक संक्रामक बीमारियों में से एक है। अक्सर लोग इसे साधारण सर्दी-जुकाम या प्रदूषण की खांसी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो बाद में गंभीर रूप ले लेती है। समय रहते लक्षणों को पहचानना और डॉक्टर से सलाह लेना ही आपकी जान बचा सकता है।
हर साल 24 मार्च को दुनिया भर में विश्व टीबी दिवस मनाया जाता है ताकि लोगों को इस खतरनाक बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके। भारत में टीबी के मामलों की संख्या काफी अधिक है और इसका सबसे बड़ा कारण है लक्षणों की सही समय पर पहचान न हो पाना। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर टीबी का पता शुरुआती स्टेज में चल जाए तो इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।
अगर आपको या आपके किसी परिचित को लगातार 2 हफ्ते से ज्यादा समय से खांसी हो रही है, तो यह साधारण इंफेक्शन नहीं बल्कि टीबी का शुरुआती संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में घरेलू नुस्खों के भरोसे बैठने के बजाय तुरंत बलगम की जांच करानी चाहिए।
लगातार खांसी: 15 दिनों से अधिक समय तक रहने वाली खांसी, जिसमें कभी-कभी खून भी आ सकता है।
सीने में दर्द: सांस लेते समय या खांसते समय सीने में तेज दर्द या भारीपन महसूस होना।
वजन का अचानक गिरना: बिना किसी डाइट या एक्सरसाइज के शरीर का वजन तेजी से कम होने लगना।
वर्ल्ड टीबी डे 2026 (सौ. फ्रीपिक)
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रात में पसीना आना: सोते समय अचानक पसीने से भीग जाना, भले ही मौसम ठंडा क्यों न हो।
बुखार और थकान: शाम के समय हल्का बुखार रहना और बिना ज्यादा काम किए शरीर में कमजोरी महसूस होना।
टीबी का इलाज अब सरकारी अस्पतालों में डॉट्स सेंटर के माध्यम से पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। डॉक्टर की सलाह के बिना दवा बीच में कभी न छोड़ें क्योंकि इससे मल्टी-ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (MDR-TB) का खतरा बढ़ जाता है जो और भी खतरनाक है।
बचाव के लिए पौष्टिक आहार लें जिसमें प्रोटीन और विटामिन भरपूर मात्रा में हो। साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर खांसते या छींकते समय मुंह ढक कर रखें ताकि संक्रमण दूसरों तक न फैले। याद रखें जागरूकता ही टीबी से मुक्ति का पहला कदम है।