World Brain Tumor Day: बार-बार सिरदर्द, उल्टी और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं ब्रेन ट्यूमर के संकेत
Brain Tumor Day: ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क से जुड़ी एक गंभीर बीमारी होती है। जिनके परिवार में पहले किसी को ब्रेन ट्यूमर की समस्या हुई हो, उन लोगों को ब्रेन ट्यूमर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
- Written By: रीता राय सागर
ब्रेन ट्यूमर (फोटो.सोशल मीडिया)
World Brain Tumor Day 2026: 8 जून की तारीख का दिन दुनिया भर में ‘वर्ल्ड ब्रेन ट्यूमर डे’ को समर्पित किया गया है। इसका उद्देश्य है- ब्रेन ट्यूमर के बारे में लोगों को जागरूक करना।
‘विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस’ को जर्मन ब्रेन ट्यूमर एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2000 में पहली बार आम जनता में ब्रेन ट्यूमर के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए इस दिन की शुरुआत की थी। यह संगठन वैज्ञानिकों और हेल्थ प्रोफेशनल के अलावा ब्रेन ट्यूमर के मरीजों और उनके परिवार के सदस्यों को भी सहायता प्रदान करता है। मस्तिष्क का ये ट्यूमर सिर्फ वयस्कों ही नहीं, बल्कि बच्चों में भी होता है।
क्या होता है ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumor)
ट्यूमर एक तरह का गांठ या असामान्य रूप से बढ़ी हुई कोशिकाएं होती हैं। शरीर में मुख्य रूप से दो तरह के ट्यूमर्स होते हैं, बिनाइन और मैलिग्नेंट। यदि ट्यूमर में कोशिकाएं सामान्य हैं, तो यह बिनाइन ट्यूमर है। बिनाइन ट्यूमर तब होता है, जब अंदर ही अंदर कुछ गलत होता है, जिससे कोशिकाएं बढ़ जाती हैं और गांठ बन जाते हैं। यदि कोशिकाएं असामान्य और अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं, तो वे कैंसर का रूप ले लेती हैं।
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कितने प्रकार के होते हैं ब्रेन ट्यूमर (Types Of Brain Tumor)
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नॉन कैंसरस ब्रेन ट्यूमर
इसे कैंसर रहित ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है, जो ब्रेन में धीरे धीरे ग्रो करने लगता हैं। उचित साइज़ और सही स्थान पर होने पर इस तरह के ट्यूमर को आसानी से रिमूव किया जा सकता है। सर्जरी के बाद पेशेंट 15 से 20 साल की जिंदगी आसानी से जी सकता है।
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कैंसरस ब्रेन ट्यूमर
इस तरह के ब्रेन ट्यूमर को प्राईमरी ब्रेन ट्यूमर कहा जाता है। इसमें व्यक्ति सर्जरी के बाद 2 से 3 साल तक ही जीवित रह पाता है। वे लोग जो इस रोग से ग्रस्त होने पर सर्जरी नहीं करवाते हैं, उनमें उल्टी, सिरदर्द, सीजर अटैक और उठने बैठने की तकलीफ का सामना करना पड़ता है।
ब्रेन ट्यूमर (फोटो.सोशल मीडिया)
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मेटास्टेसिस ट्यूमर
वे लोग जो मेटास्टेसिस ट्यूमर से ग्रस्त होते हैं, उनमें ये समस्या लंग कैंसर, लीवर कैंसर और ब्रेस्ट कैंसर के कारण बढ़ने लगती है। इस समस्या से पीडित लोगों में कैंसर के कारण ये सेल्स ब्रेन तक पहुंचकर उसे डैमेज करने लगते हैं। ये ट्यूमर किसी अन्य बीमारी के कारण ब्रेन में डेवल्प होने लगता है।
ब्रेन ट्यूमर के लक्षण (Symptoms Of Brain Tumor)
- सुबह में अक्सर सिरदर्द होना
- सुबह में उल्टी होना या बीमार महसूस करना
- दौरा पड़ना
- चिड़चिड़ा महसूस करना
- रोजमर्रा की चीजों के प्रति रुचि कम होना
- आंखों से संबंधित समस्या होना
- आंखों का मवूमेंट असामान्य होना
- धुंधलापन या दोहरी दृष्टि
- जल्दी थकान महसूस करना
- बिना कारण अधिक नींद आना
- भ्रम, याद्दाश्त संबंधित समस्या
- सुनाई देने में समस्या
- संतुलन बनाने, चलने में परेशानी होना
- शरीर के एक तरफ कमजोरी महसूस होना
- व्यवहार में बदलाव
ब्रेन ट्यूमर (फोटो.सोशल मीडिया)
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ब्रेन ट्यूमर के कारण (Reason Of Brain Tumor)
- ब्रेन ट्यूमर के 5 से 10 फीसदी मामले हैरीडेटिरी होते हैं। परिवार के किसी सदस्य को ये समस्या होने से इसका खतरा बढ़ जाता है।
- आसपास वातावरण में रेडिशन लेवल बढ़ने से ब्रेन ट्यूमर का खतरा बढ़ जाता है। बिजली के तारों के क्रास कनेक्शन होने से उसका दोगुना असर मस्तिष्क पर नजर आने लगता है। ऐसे में रेडिएशन का अत्यधिक एक्सपोज़र ब्रेन ट्यूमर के जोखिम को बढ़ा सकता है।
- स्मोकिंग या ड्रिकिंग करने वालों में लंग कैंसर और पेट के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को प्रभावित करता है। इससे असामान्य ब्रेन सेल्स बढ़ने लगते हैं। ब्रेन ट्यूमर के खतरे को कम करने के लिए धूम्रपान और शराब पीने से बचें।
- वो केमिकल्स या गंदगी जो पानी में डंप की जाती है, उसका मानव स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। बिना फिल्टर किए सामान्य पानी इस्तेमाल करने से केमिकल्स शरीर में प्रवेश कर जाते हैं। दरअसल, बिना फिल्टर किए पानी में टॉक्सिक केमिकल्स का स्तर बढ़ जाता है। इससे ब्रेन कैंसर और ब्लड कैंसर का खतरा भी बढ़ जाता है।
यदि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान हो जाए तो इलाज की सफलता की संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है। आधुनिक तकनीकों, उन्नत सर्जरी, रेडियोथेरेपी और दवा व उपचार की मदद से कई मरीजों को नया जीवन मिल रहा है।
