Health Alert: रेस्टोरेंट के खाने में छिपी है वो एक चीज, जो अंदर से सुखा देती है आपका शरीर!
Health Tips: आजकल लोग स्वाद और सुविधा के लिए अक्सर रेस्टोरेंट का खाना पसंद करते हैं लेकिन इसमें छिपे कुछ तत्व आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- Written By: प्रीति शर्मा
रेस्टोरेंट फूड खाते हुए व्यक्ति (सौ. फ्रीपिक)
Restaurant Food Side Effects: आधुनिक जीवनशैली में बाहर का खाना यानी आउटिंग एक शौक बन चुका है। लेकिन क्या आपने कभी गौर किया है कि घर पर भरपेट भोजन करने के बाद हमें सामान्य प्यास लगती है जबकि रेस्टोरेंट में मात्र दो रोटी या थोड़ा सा जंक फूड खाते ही गला सूखने लगता है? बार-बार पानी पीने के बाद भी ऐसा लगता है जैसे प्यास बुझी ही नहीं। विशेषज्ञों की मानें तो यह महज इत्तेफाक नहीं बल्कि आपके शरीर की एक रक्षात्मक प्रतिक्रिया है।
घर और बाहर के खाने में बड़ा अंतर
घर में बना खाना शरीर के लिए औषधि की तरह होता है लेकिन बाहर का खाना अक्सर सुस्ती और बेचैनी लेकर आता है। इसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है सोडियम यानी नमक। रेस्टोरेंट के खाने को स्वादिष्ट और लंबे समय तक सुरक्षित रखने के लिए उसमें नमक और मसालों का भारी मात्रा में उपयोग किया जाता है। साथ ही स्वाद बढ़ाने के लिए इसमें प्रोसेस्ड आटे और अजीनोमोटो जैसी चीजों का इस्तेमाल होता है जिनमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है।
दिमाग को सिग्नल
जब हम अधिक सोडियम वाला भोजन करते हैं तो हमारे शरीर में फ्लुइड्स (तरल पदार्थों) का संतुलन बिगड़ जाता है। खून में नमक की मात्रा बढ़ते ही शरीर की कोशिकाएं पानी छोड़ने लगती हैं ताकि नमक के प्रभाव को कम किया जा सके। ऐसे में कोशिकाएं तुरंत दिमाग को संकेत भेजती हैं कि शरीर को और पानी की जरूरत है। यही कारण है कि बाहर का खाना खाते ही आपका दिमाग आपको बार-बार पानी पीने के लिए मजबूर करता है।
सम्बंधित ख़बरें
विनोद कांबली की सेहत पर संकट, दिमाग में क्लॉट और स्ट्रोक का खतरा! अब सचिन तेंदुलकर बने अपने दोस्त का सहारा
सुई नहीं, अब सांस से होगी डायबिटीज की जांच, नागपुर यूनिवर्सिटी का नया आविष्कार, UK पेटेंट का मिला सम्मान
Weight Loss Tips: मक्खन की तरह पिघलेगी जिद्दी चर्बी! बस जान लें जीरा पानी पीने का ये सही तरीका और समय
Wedding Styling Tips: इस वेडिंग सीजन जरूर ट्राई करें ये 5 स्टाइलिंग टिप्स, हर फोटो में आप दिखेंगी सबसे कमाल
यह भी पढ़ें:- सिर्फ 15 मिनट में आसानी से बनाएं राजस्थानी जायके वाली पंचरतन दाल, उंगलियां चाटते रह जाएंगे घरवाले!
रेस्टोरेंट का खाना खाते हुए लोग (सौ. फ्रीपिक)
भारी भोजन का दबाव
प्यास लगने का दूसरा मुख्य कारण भोजन की मात्रा और उसकी प्रकृति है। बाहर का खाना अक्सर तेल, वसा और प्रोटीन से भरपूर होता है। साधारण भोजन की तुलना में भारी और गरिष्ठ भोजन को पचाने में शरीर को बहुत अधिक ऊर्जा और पानी की आवश्यकता होती है। विशेष रूप से जब आप हाई-प्रोटीन या डीप-फ्राइड आहार लेते हैं तो पेट को इन जटिल तत्वों को तोड़ने के लिए अतिरिक्त तरल पदार्थ की जरूरत पड़ती है। यही स्थिति घर पर भी तब होती है जब हम अधिक तेल वाले पकौड़े या पूड़ियां खाते हैं।
बाहर के खाने में इस्तेमाल होने वाला तेल अक्सर बार-बार गरम किया जाता है जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। यह न केवल शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ाता है बल्कि पाचन तंत्र को भी सुस्त कर देता है। घर की चार रोटियां पचाना आसान है लेकिन बाहर की दो रोटियां भी शरीर के मेटाबॉलिज्म पर भारी पड़ सकती हैं जिससे हाइड्रेशन लेवल गिर जाता है।
सिर्फ पानी ही काफी नहीं
अगर बाहर का खाना खाने के बाद आपकी प्यास नहीं बुझ रही है तो केवल सादा पानी पीना पर्याप्त नहीं हो सकता। ऐसे समय में छाछ का सेवन सबसे बेहतरीन विकल्प है।
- छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स भोजन को आसानी से पचाने में मदद करते हैं।
- यह न केवल प्यास बुझाती है बल्कि शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को भी दोबारा बहाल करती है।
- बाहर के मसालों से होने वाली जलन और एसिडिटी को छाछ तुरंत शांत करती है।
