क्या है Office Frogging? बार-बार जॉब बदलना सिर्फ करियर ही नहीं, मेंटल हेल्थ को भी कर रहा है बर्बाद
Job Stress: आज के कॉर्पोरेट कल्चर में Office Frogging यानी बार-बार नौकरी बदलने का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। बेहतर सैलरी और ग्रोथ की चाह में लिया गया यह फैसला कई बार मानसिक अस्थिरता पैदा करता है।
- Written By: प्रीति शर्मा
ऑफिस में काम करते हुए तनावग्रस्त प्रोफेशनल (सौ. फ्रीपिक)
Job Change Impact On Mental Health: आज का युवा ऑफिस फ्रॉगिंग का शिकार हैं जहां बेहतर सैलरी और ब्रांड के चलते बार-बार नौकरी बदलना बाहर से तरक्की लग सकता है। लेकिन अंदर ही अंदर यह आपको मानसिक रुप से अस्थिर कर रहा है।
आज के कॉर्पोरेट दुनिया में एक नया शब्द ट्रेंड कर रहा है जिसे ऑफिस फ्रॉगिंग कहते हैं। जिस तरह एक मेंढक एक पत्ते से दूसरे पत्ते पर छलांग लगाता है उसी तरह जब कोई कर्मचारी थोड़े-थोड़े समय के अंतराल पर नौकरियां बदलता है उसे ही ऑफिस फ्रॉग कहा जाता है। हालांकि यह सैलरी बढ़ाने का शॉर्टकट हो सकता है लेकिन इसके मनोवैज्ञानिक परिणाम काफी गंभीर हैं।
क्यों बढ़ रहा है ट्रेंड
आधुनिक वर्क कल्चर में बेहतर पैकेज, घर के पास ऑफिस, और वर्क-लाइफ बैलेंस जैसे कारक लोगों को जॉब स्विच करने के लिए उकसाते हैं। Gen Z में यह चलन सबसे ज्यादा है। इस पीढ़ी के लिए नौकरी सिर्फ पैसा कमाने का जरिया नहीं बल्कि उनकी खुशी और मूल्यों से मेल खाने वाला जरिया है। अगर मैनेजमेंट पारदर्शी नहीं है या काम का माहौल तनावपूर्ण है तो युवा कर्मचारी बिना सोचे-समझे इस्तीफा देने में देर नहीं लगाते।
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मेंटल हेल्थ पर पड़ता है बोझ
अस्थिरता और चिंता: हर बार नए माहौल, नए बॉस और नई वर्क पॉलिसी में खुद को ढालना दिमाग पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
परफॉरमेंस एंग्जायटी: नई जगह पर खुद को साबित करने का डर लगातार बना रहता है जिससे नींद की कमी और चिड़चिड़ापन होने लगता है।
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रिश्तों में खटास: ऑफिस का तनाव अक्सर घर तक पहुँचता है जिससे पारिवारिक रिश्तों में तनाव बढ़ता है।
कॉन्फिडेंस की कमी: लंबे समय तक किसी एक जगह न टिक पाने के कारण व्यक्ति को अपनी काबिलियत पर ही शक होने लगता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हर 6 महीने में नौकरी बदलना आपके रिज्यूमे और दिमाग दोनों के लिए खतरनाक है। लेकिन अगर ऑफिस जाने के नाम से आपको पैनिक अटैक आने लगें फिजिकल हेल्थ खराब होने लगे या वहां का माहौल टॉक्सिक हो जाए तभी स्विच करना सही फैसला है।
फायदे या नुकसान
ऑफिस फ्रॉफिंग करने से सैलरी में करीब 20 से 30 प्रतिशत का उछाल मिल सका है लेकिन लंबे समय में यह आपके करियर ग्राफ को अस्थिर कर देता है। बड़ी कंपनियां उन उम्मीदवारों पर भरोसा करने से डरती हैं जो एक साल भी एक जगह नहीं टिकते हैं। करियर ग्रोथ और स्टेबिलिटी के बीच संतुलन बनाना ही समझदारी है।
