पानी कम पीने से होने वाली बीमारियों की लिस्ट देख डर जाएंगे, कितना पीएं और कब पीएं ये जरूर जानिए
Health Tips:सही समय और सही मात्रा में पानी पीने से न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ती है। ऐसे में आइए जानते है शरीर में पानी की कमी होने से क्या होता है?
- Written By: सीमा कुमारी
शरीर में पानी की कमी होने से क्या होता है?(सौ.सोशल मीडिया)
Lack oF Water In Body Causes :जल ही जीवन है, ऐसा इसलिए कहा गया है क्योंकि बिना पानी के जीवन संभव ही नहीं। ऐसा नहीं कि पानी की आवश्यकता सिर्फ मनुष्यों को ही होती है, बल्कि जानवरों और पेड़-पौधों को भी जरूरत होती है। आपको बता दें, पानी सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि जीवन के लिए बेहद जरूरी है।
सही समय और सही मात्रा में पानी पीने से न केवल बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता भी बढ़ती है। ऐसे में आइए जानते है शरीर में पानी की कमी होने से क्या- क्या बीमारियां होने का डर रहता है?
शरीर में पानी की कमी होने से क्या होता है?
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर पंचमहाभूतों से बना है और उनमें जल तत्व का संतुलन सबसे जरूरी है। अगर पर्याप्त पानी नहीं पीते तो शरीर में वात, पित्त और कफ असंतुलित हो जाते हैं और कई तरह की बीमारियां जन्म लेती हैं।
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पानी शरीर से जहरीले तत्व बाहर निकालने, पाचन को ठीक रखने, त्वचा की चमक बनाए रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।
डिहाइड्रेश सहित थकान, सिरदर्द की समस्या
शरीर में पानी की कमी होने से कई समस्याएं सामने आती हैं। सबसे पहले निर्जलीकरण यानी डिहाइड्रेशन होता है, जिससे थकान, सिरदर्द और चक्कर आने लगते हैं। पाचन सही से नहीं होता और कब्ज और अजीर्ण जैसी परेशानी बढ़ जाती है।
किडनी स्टोन और पेशाब से जुड़ी बीमारियां
गुर्दे की समस्याएं, किडनी स्टोन और पेशाब से जुड़ी बीमारियां बढ़ जाती हैं। त्वचा रूखी हो जाती है और मुंहासे और समय से पहले झुर्रियां आ सकती हैं।
स्मरण शक्ति प्रभावित
मस्तिष्क का 70 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए कमी होने पर एकाग्रता और स्मरण शक्ति प्रभावित होती है। पानी कम होने पर खून गाढ़ा हो जाता है, जिससे हाई बीपी और हृदय संबंधी रोग का खतरा भी बढ़ता है।
कब और कैसे पीना चाहिए
यह भी जानना जरूरी है। सुबह उठते ही गुनगुना पानी पीना सबसे अच्छा है। यह पेट साफ करता है और कब्ज दूर करता है। खाने से 30 मिनट पहले पानी पीना पाचन के लिए फायदेमंद है, लेकिन खाने के तुरंत बाद पानी पीना अग्नि को धीमा कर देता है। दिनभर में थोड़ा-थोड़ा पानी पीना चाहिए, ताकि गुर्दे पर दबाव न पड़े। गर्मियों में पानी की जरूरत ज्यादा होती है, जबकि सर्दियों में गुनगुना पानी पीना बेहतर है।
इस तरह पिए पानी
तुलसी का पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, धनिया का पानी किडनी और मूत्राशय के लिए अच्छा है और सौंफ का पानी पाचन सुधारता है और शरीर को ठंडक देता है।
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गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पीने से वजन नियंत्रित रहता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है। वयस्कों को रोजाना 2.5-3 लीटर पानी पीना चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों को उनकी क्षमता के अनुसार पानी देना चाहिए।
