
ओपिओइड की समस्या (सौ.सोशल मीडिया)
Opioid Withdrawal Recovery: योग सेहत का पूर्ण आधार होता है जिसे रोजाना अपने दैनिक जीवन में शामिल करने से शरीर के अंदरूनी और बाहरी रूप से मजबूती मिलती है। तनाव की समस्या की वजह से ओपिओइड विड्रॉल हो जाता है। इस समस्या से कई लक्षण नजर आते है। यहां पर स्टडी के अनुसार कहा गया है कि, योग ओपिओइड विड्रॉल के लक्षणों से तेजी से उबरने में मदद कर सकता है, साथ ही नींद की गुणवत्ता बढ़ती है और दर्द से राहत भी मिलती है।
यहां पर जामा साइकियाट्री जर्नल में प्रकाशित इस रैंडमाइज्ड क्लिनिकल ट्रायल में, भारत के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज (निमहांस), बेंगलुरु और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के रिसर्चर ने 59 पुरुष प्रतिभागियों पर अध्ययन किया, जो ओपिओइड यूज डिसऑर्डर से पीड़ित थे। जहां पर योग ग्रुप में शामिल लोगों को स्टैंडर्ड बुप्रेनॉर्फिन ट्रीटमेंट के साथ 45 मिनट की योग सेशन दी गई, जबकि कंट्रोल ग्रुप को सिर्फ दवा दी गई। इसके नतीजे जब सामने आए तो पाया कि, इसमें सभी 59 पुरुष ओपिओइड यूज डिसऑर्डर से पीड़ित थे।निमहांस के इंटीग्रेटिव मेडिसिन डिपार्टमेंट की सुड्डाला गौतम ने कहा, “इस ट्रायल में, योग ने ओपिओइड विड्रॉल रिकवरी को काफी बेहतर बनाया।”
यहां पर बात करें तो, ओपिओइड की समस्या एक गंभीर लत और दुरुपयोग का मामला है, जहाँ मॉर्फिन, फेंटेनाइल और हेरोइन जैसे दर्द निवारक दवाओं के लंबे समय तक या गलत इस्तेमाल से शारीरिक निर्भरता, तीव्र लालसा और वापसी के लक्षण (जैसे दस्त, चिंता, उल्टी) पैदा होते हैं, जिससे स्वास्थ्य, रिश्तों और वित्तीय स्थिति पर बुरा असर पड़ता है, और यह समस्या दुनिया भर में मौतों का एक बड़ा कारण बन रही है, जिसके लिए तत्काल चिकित्सा और उपचार की आवश्यकता होती है।
यहां पर ओपिओइड छोड़ने पर कुछ दिक्कतें आती हैं। दस्त, नींद न आना, बुखार, दर्द, चिंता और डिप्रेशन जैसे शारीरिक लक्षण उभर आते हैं, और ऑटोनोमिक लक्षण जैसे पुतली का फैलना, नाक बहना, रोंगटे खड़े होना, भूख न लगना, जम्हाई आना, जी मिचलाना, उल्टी और पसीना आने लगता है। यहां पर योग से इस समस्या पर राहत मिली है। योग ने हार्ट रेट वैरिएबिलिटी (एचआरवी) में सुधार किया, घबराहट को काफी कम किया, नींद आने में लगने वाला समय 61 मिनट घटाया, और दर्द में राहत दी।2022 में, दुनिया भर में लगभग 60 मिलियन लोगों ने बिना डॉक्टरी इलाज के ओपिओइड का इस्तेमाल किया। भारत में, 2019 के एक नेशनल सर्वे से पता चला कि ओपिओइड का इस्तेमाल 2.1 प्रतिशत आम बात है।
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यहां पर यह स्टडी ओपिओइड संकट से जूझ रहे देशों के लिए एक सस्ता और आसानी से सुलभ विकल्प पेश करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि योग को ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल में शामिल करने से रिलैप्स रेट कम हो सकता है।
आईएएनएस के अनुसार






