क्या सच में हर 27 दिन में बदलती है त्वचा! जानिए आयुर्वेद में इसके पीछे छिपा रहस्य
Skin Renewal Cycle: क्या आपकी स्किन हर 27–30 दिन में नई हो जाती है? आयुर्वेद और विज्ञान से जानिए स्किन रिन्यूअल, पोषण, नींद और लाइफस्टाइल का त्वचा पर असर डालने का काम करता है।
- Written By: दीपिका पाल
स्किन रिन्यूवल (सौ.सोशल मीडिया)
27 Days Skin Regeneration: हर किसी के लिए स्किन को बेहतर रखना जरूरी होता है लेकिन बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हमारी स्किन बदलती रहती है। कहते है कि, उम्र के साथ ही त्वचा में बदलाव होते रहते है। यहां पर आईने में जब हम देखेंगे तो हमारा चेहरा पहले वैसा नहीं था जैसा आज है औऱ आज वाला चेहरा आने वाले समय में बदल जाएगा।
यहां पर आयुर्वेद में कहा गया है कि, हमारी त्वचा हर 27 से 30 दिन में नई हो जाती है। यहां पर त्वचा को लेकर आयुर्वेद में कई बातें कही गई है जो त्वचा की सेहत को बेहतर बनाता है।
सेहत को सुरक्षा प्रदान करती है त्वचा
यहां पर आयुर्वेद में त्वचा पर जोर दिया गया है वहीं पर सुंदरता की चीज नहीं माना गया, बल्कि यह हमारे शरीर की सबसे बड़ी ढाल है। सूरज की हानिकारक किरणें, धूल, बैक्टीरिया और रसायन ये सब हमारी त्वचा से टकराकर शरीर तक नहीं पहुंच पाते। इसके अलावा इसमें मौजूद मेलानोसाइट्स नाम की कोशिकाएं मेलेनिन बनाती हैं, जो सूरज की किरणों से बचाव करती हैं। त्वचा हमारे शरीर की ढाल होता है तो वहीं पर सेहत को सुरक्षा देने का काम करता है। इसमें बात करें तो, यह स्वेद ग्रंथियां हर दिन 1 से 2 लीटर तक पसीना निकालती हैं। यह शरीर को ठंडा रखती है और साथ ही अंदर से सफाई भी करती है, इसलिए योग, व्यायाम जैसी आदतें न सिर्फ शरीर बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी हैं।
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रात में फिर से नई हो जाती है त्वचा
यहां पर बात करें तो, रात के समय में त्वचा में बदलाव होने लगता है। दिनभर की धूल, मिट्टी, तनाव और सूर्य की किरणों से त्वचा को खुद को बनाती है। इसके साथ ही नए कोलेजन और इलास्टिन का निर्माण करने का काम करती है। इसके अलावा आपको नींद का कोटा भी सही रखना जरूरी होता है। इसके अलावा आहार सही होना जरूरी होता है। विटामिन ए, सी, ई और जिंक से भरपूर चीजों जैसे आंवला, गाजर, पपीता, बादाम और तुलसी त्वचा को अंदर से पोषण देती हैं। इस वजह से आयुर्वेद में इन्हें त्वच्य औषधि कहा गया है।
तनाव, धूम्रपान और नींद की कमी आपकी त्वचा की सेल मेमोरी पर असर डाल सकती है। इसका मतलब है कि आपकी त्वचा ये सब याद रखती है और बाद में झुर्रियों, सूखापन या दाग के रूप में दिखा सकती है।
आईएएनएस के अनुसार
