
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाता भारतीय परिवार (प्रतीकात्मक तस्वीर) सौ. एआई)
Importance of Discipline: गणतंत्र दिवस के गौरवशाली मौके पर स्वास्थ्य और आत्म-अनुशासन को एक नए नजरिए से परिभाषित किया जा सकता है। सेहत के लिए आजादी का मतलब स्वच्छंद होना नहीं बल्कि यह चुनाव करने का अनुशासन है कि हमारे शरीर के लिए क्या सही है। आत्म-अनुशासन कोई बंधन नहीं है बल्कि यह अपने शरीर के प्रति सम्मान प्रकट करने का सबसे ऊंचा तरीका है।
आज की जीवनशैली में लोग अक्सर शॉर्ट-टर्म सुख (जैसे जंक फूड या देर रात तक जागना) को प्राथमिकता देते हैं। लोग प्रोसेस्ड फूड के बजाय मौसमी फल और सब्जियां चुनें। संदेश में युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित किया गया है कि वे बिना सोचे-समझे खाने के बजाय सोच-समझकर भोजन (Mindful Eating) करने की आदत डालें और आलस्य त्यागकर सक्रिय जीवनशैली अपनाएं।
संतुलित और स्वस्थ जीवन की नींव हमारे पारंपरिक खान-पान में ही छिपी है। अपनी थाली में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध साबुत अनाज जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, मक्का और गेहूं को शामिल करें। ये अनाज न केवल पोषक तत्वों से भरपूर हैं बल्कि हमारी जलवायु के अनुकूल भी हैं। विशेषज्ञों की सलाह है कि भोजन को उबालकर, भाप में पकाकर या ग्रिल करके बनाना ज्यादा फायदेमंद होता है।
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बेहतर स्वास्थ्य के लिए कुछ आसान लेकिन असरदार बदलावों को अपने जीवन में लेकर आ सकते हैं।
स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की नींव होते हैं। इस साल इन हेल्दी आदत को अपनाने के लिए खुद को अनुशासित करें। छोटे-छोटे अनुशासित कदम ही आने वाले समय में बड़े और सकारात्मक परिणाम लेकर आएंगे। इस गणतंत्र दिवस के मौके पर आप हेल्दी आदत को चुनकर बीमारियों से दूर रह सकते हैं।






