बच्चों के लिए अमृत से कम नहीं है जायफल, सावधानियां जरूरी, जानिए क्या कहता है आयुर्वेद
Ayurvedic Health Tips: बच्चों के लिए जायफल स्वास्थ्य के लिहाज से अमृत के समान है। आयुर्वेद के अनुसार इसका सही सेवन बच्चों की इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और मानसिक विकास में मदद करता है।
- Written By: सीमा कुमारी
जायफल(सौ.सोशल मीडिया)
JaiFal Benefits: बदलते मौसम में तापमान और नमी में उतार-चढ़ाव के कारण शरीर की इम्यूनिटी पावर कमजोर होने लगती है, जिससे सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, गले में खराश, फ्लू और एलर्जी जैसी समस्याएं होने लगती हैं। एक्सपर्ट्स बताते है कि, बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों से लेकर बड़ों पर पड़ता है, लेकिन छोटे बच्चे बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा झेलते हैं।
बदलते मौसम में बच्चों की सेहत का रखें खास ख्याल
बदलते मौसम में पेट खराब होना या सिर्फ जुकाम होना, ये समस्याएं बच्चों को सबसे अधिक परेशान करती हैं, लेकिन आयुर्वेद में कुछ ऐसे आराम उपाय बताए गए हैं, जिससे बिना किसी नकारात्मक प्रभाव के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है।
जायफल को पाचक और मेध्य माना गया है
आयुर्वेद में जायफल को वात-शामक, पाचक और मेध्य माना गया है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता से लेकर मस्तिष्क को पोषण देने में मदद करता है। इससे पेट से जुड़ी परेशानी जैसे गैस में भी आराम मिलता है, लेकिन उसके सेवन का तरीका बहुत कम लोग ही जानते हैं।
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आयुर्वेद में माना गया है कि किसी औषधि को उचित संस्कार देने से उसके गुण अधिक संतुलित और शरीर के लिए कोमल हो जाते हैं, क्योंकि जायफल स्वभाव से तीक्ष्ण माना जाता है। इसलिए बच्चों के लिए उसे इस प्रकार तैयार किया जाता था।
इस तरह करें तैयार
पुराने समय में बच्चों के लिए जयफल को विशेष प्रक्रिया से तैयार किया जाता था। सबसे पहले इसे दूध में डाला जाता है, जिससे इसका तीखापन कम होता है।
इसके बाद कुछ समय के लिए दही में रखा जाता है, जो इसके अनुरूप होता है। अंत में इसे घी में पकाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जायफल को दूध में घिसकर बहुत ही कम मात्रा में बच्चों को दिया जाता है। यह विधि जयफल की गर्म तासीर को कम करके बच्चों के लिए सुरक्षित बना देती है
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क्या हैं फायदे?
इस तरह तैयार किया गया जायफल बच्चों के पा चन तंत को मजबूत करता है, ग्लूकोज-जुकाम से बचाव में मदद मिलती है और नींद भी बेहतर होती है। साथ ही यह दिमागी विकास में सहायक माना जाता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में दिया जाए तो यह एक प्राकृतिक टॉनिक की तरह काम करता है।
ध्यान में सावधानियां जरूर रखें
बच्चों को जायफल देते समय मात्रा का विशेष ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। अधिक मात्रा में सेवन करने से सामान्य प्रभाव हो सकता है, जैसे चक्कर आना, पेट संबंधी समस्याएं। किसी भी घरेलू उपाय को पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह से लेना बेहतर होता है, खासकर अगर बच्चा बहुत छोटा हो या पहले किसी समस्या से पीड़ित हो।
