
ध्यान (सौ.सोशल मीडिया)
Morning Meditation Routine: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर व्यक्ति मानसिक तनाव, चिंता और अस्थिरता से जूझ रहा है। ऐसे में “ध्यान” यानी मेडिटेशन एक ऐसी प्राचीन भारतीय विद्या है, जो न केवल मन को शांत करती है, बल्कि शरीर, मस्तिष्क और आत्मा – तीनों के बीच संतुलन स्थापित करती है। आज के समय में जहां आधुनिक जीवनशैली और तकनीक ने हमें बाहरी तौर पर व्यस्त बना दिया है, वहीं ध्यान हमें अपने भीतर झांकने और खुद को समझने की शक्ति देता है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, ध्यान निरंतर “चिंतन और मनन” की वह प्रक्रिया है, जिसमें व्यक्ति अपने विचारों और भावनाओं को स्थिर करता है। यह सिर्फ आध्यात्मिक अभ्यास नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य का एक वैज्ञानिक तरीका भी है। ध्यान करने से मस्तिष्क के ‘स्ट्रेस हार्मोन’ कम होते हैं, जिससे तनाव, भय, क्रोध और अवसाद में राहत मिलती है।
ध्यान करने के लिए सबसे पहले एक शांत और आरामदायक जगह चुनें। फर्श या योगा मैट पर सुखासन या पद्मासन में बैठें। रीढ़, गर्दन और सिर को सीधा रखें, आंखें बंद करें और अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें। धीरे-धीरे अपने विचारों को शांत करें और मन को वर्तमान क्षण में स्थिर रखने का प्रयास करें।
शुरुआत में 10–15 मिनट का अभ्यास पर्याप्त है। समय के साथ इसे बढ़ाकर 30 मिनट तक किया जा सकता है।
हालांकि ध्यान किसी भी समय किया जा सकता है, लेकिन ब्रह्म मुहूर्त यानी सुबह का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है। सुबह का शांत वातावरण मन को स्थिर करने में सहायक होता है।
ध्यान का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं होता। सिर्फ कुछ मिनटों का नियमित अभ्यास आपको शांति, स्थिरता और आत्मविश्वास से भर देता है।






